Delhi NCR: उत्तर भारत के शहरों और खुले मैदानों में घने कोहरे की चादर छा जाने से दिल्ली एनसीआर में पारा करीब शून्य डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जिससे यहां पहाड़ी इलाकों से भी ज्यादा ठंड का अहसास हो रहा है। दिल्ली की सफदरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि गुरुग्राम में पारा 0.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। इसके उलट, शिमला में मौसम सुहावना रहा और तापमान करीब नौ डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि ये अंतर असामान्य नहीं है और इसकी मुख्य वजह पहाड़ियों पर छाए बादल हैं। बादल रात में कंबल की तरह काम करते हैं, बाहर निकलने वाली गर्मी को रोकते हैं और शिमला और मसूरी जैसे पहाड़ी इलाकों में न्यूनतम तापमान को ज्यादा बनाए रखते हैं, जबकि मैदानी इलाकों में कंपकंपी वाली सर्दी रहती है।
आईएमडी वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि “शिमला की बात करें तो शिमला में और आसपास के क्षेत्रों में सुबह क्लाउडिंग थी। इसके चलते जो पूरा न्यूनतम तापमान है वो स्पेशली जो क्षेत्र हैं जिसमें शिमला है, कांगड़ा, मंडी है यहां पर थोड़ा राइस किए हैं दो सा चार डिग्री और शिमला का तापमान 8.8 (डिग्री सेल्सियस) था सुबह का, कुफरी का छह डिग्री के आसपास था, नारकंडा में तीन डिग्री के आसपास था। वहीं जो हमारे जो क्षेत्र हैं बिलासपुर वहां पर न्यूनतम तापमान हालांकि अभी सामान्य रिकॉर्ड किया गया है और सबसे ज्यादा जो दिन का तापमान है वो कुल्लू में रिकॉर्ड किया गया है 23 डिग्री सेल्सियस। शिमला में 16.2 (डिग्री सेल्सियस) था जो की सामान्य से चार डिग्री अधिक था।”
हालात ये हैं कि पहाड़ी इलाकों से ज्यादा ठंड दिल्ली एनसीआर में पड़ रही है। यहां के खेतों और वाहनों पर पाला जमा है, राजमार्गों पर घना कोहरा छाया है और मौसम विभाग भी लगातार शीत लहर की चेतावनी जारी कर रहा है।
मौसम विभाग के मुताबिक ऐसे हालात अभी कुछ दिन बने रहने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के आने से मैदानी इलाकों में भी बादल छाने लगेंगे जिसके बाद रात के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है।