Pax silica: भारत जल्द पैक्स सिलिका गठबंधन का सदस्य बनने जा रहा है। ये गठबंधन कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सिलिकॉन आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करने के लिए अमेरिका के नेतृत्व वाली पहल है। जानकारों का मानना है कि ये गठबंधन महत्वपूर्ण खनिजों, एआई और दूसरी तकनीक पर चीन को टक्कर देगा।
ये ऐलान अमेरिका के नामित राजदूत सर्जियो गोर ने की। उन्होंने कहा कि व्यापार से परे सहयोग को गहरा करने के लिए दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं। इस दिशा में अमेरिका के लिए भारत से ज्यादा महत्वपूर्ण कोई देश नहीं है। सवाल है कि पैक्स सिलिका है क्या?
पैक्स सिलिका अमेरिका की सुरक्षित और नवाचार-संचालित सिलिकॉन और एआई आपूर्ति श्रृंखला बनाने की कोशिश है। इसमें ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों से लेकर सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और उन्नत विनिर्माण शामिल हैं। ये गठबंधन इस सोच पर आधारित है कि 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था तेल पर नहीं, बल्कि कंप्यूटरों पर आधारित है। लिहाजा विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखलाएं आर्थिक सुरक्षा की बुनियाद हैं।
भारत के लिए सदस्यता एआई, प्रौद्योगिकी और आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा के क्षेत्र में अमेरिका के साथ गहरे तालमेल का संकेत है, क्योंकि वॉशिंगटन और नई दिल्ली अहम व्यापार समझौते पर काम कर रहे हैं।