Indore: इंदौर में दूषित पानी के मामले में मौत के आंकड़ों में विरोधाभास के बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि उनकी सरकार के लिए जिदगी जरूरी है, आंकड़े नहीं।
उन्होंने कहा, “एक भी जान का जाना हमारे लिए बहुत दुखद है। हम आंकड़ों में नहीं पड़ते। ये अलग बात है कि प्रशासन अपनी प्रक्रियाओं का पालन करता है। आम तौर पर केवल उन्हीं मामलों को सही आंकड़ा माना जाता है, जिनमें पोस्टमॉर्टम किया गया हो।”
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हुई मौतों की संख्या को लेकर भ्रम मंगलवार को भी बना रहा, जब जिला प्रशासन ने 18 पीड़ितों के परिवारों को मुआवजे के चेक बांटे, जबकि आधिकारिक आंकड़ा सात ही बताया गया।
यादव ने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों की सही संख्या के बारे में पूछे जाने पर पत्रकारों से कहा, “ये बहुत दुखद घटना है। लोग चाहे कोई भी हों, जब राहत देने की बात आएगी, तो हम आंकड़ों को नहीं देखेंगे, हम सबके साथ खड़े रहेंगे।”
हालांकि इंदौर संभाग के एक टॉप अधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक सात मौतें हुई हैं, लेकिन अधिकारी दूषित पानी से जुड़ी छह मौतों की बात कह रहे हैं।