Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश में भोपाल के अंकुर खेल परिसर में अनोखी क्रिकेट प्रतियोगिता चल रही है। ये प्रतियोगिता संस्कृति और खेल का अनूठा संगम है। खिलाड़ी पारंपरिक क्रिकेट जर्सी के बजाय धोती-कुर्ता पहनकर मैच खेलते हैं।
ये खिलाड़ी वैदिक विश्वविद्यालयों और विद्यालयों से आए हैं। वे युवा एथलीटों के उस समूह का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो खेल में उत्कृष्टता के साथ परंपराओं के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। आयोजन की विशेषता मैचों की कमेंट्री है। कमेंट्री संस्कृत में होती है। ये प्राचीन भाषा को बढ़ावा देने की कोशिश है।
आयोजकों के मुताबिक इस प्रतियोगिता में भागीदारी सीमित है। सिर्फ वही खिलाड़ी भाग ले सकते हैं, जो संस्कृत मंत्रों का पाठ कर सकें। अनोखी प्रतियोगिता विरासत, भाषा और खेल को एक मंच पर लाती है। ये भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है, जिसके लिए देश भर की पसंदीदा क्रिकेट का उपयोग किया जाता है।
आयोजक ने बताया, “हमारी ये संस्कृति आप देख सकते हैं, जो धौत वस्त्र में ये पहन के यहां पर खेल रहे हैं, ये हमारी संस्कृति है। देव भाषा संस्कृत का प्रसार करना, प्रचार करना, संस्कृति का प्रचार करना, प्रसार करना – इसका मुख्य उद्देश्य है। और इसमें केवल वैदिक ब्राह्मण, कर्मकांडी ब्राह्मण, जो मंत्रोच्चारण कर सकते हैं, वही ब्राह्मण यहां पर खेल रहे हैं। और उनका चयन केवल उनके मंत्रोच्चारण के उच्चारण कौशल के देखते हुए उनका चयन करते हैं। उनको ही यहां पर खेलने का अवसर दिया जाता है, अन्यथा उनका भी बाहर हम भेजते हैं, क्योंकि यहां पे बिना उच्चारण किए वैदिक मंत्रों का यहां पे अवसर किसी को नहीं मिलता है।”