हरियाणा: गुरुग्राम में करोड़ों का लोन दिलाने के नाम पर कारोबारी से 2.45 करोड़ की ठगी, तेलंगाना से एक व्यक्ति गिरफ्तार
आर्थिक अपराध शाखा-एक ने प्राइवेट लोन दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करके एक आरोपित को तेलंगाना के कोम्पल्ली क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। कपड़ा कंपनी के मालिक से 40 करोड़ रुपये के ऋण के लिए अग्रिम ब्याज की मांग की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि तीनों आरोपी रकम लेकर फरार हो गए।
बता दें, सितंबर 2023 को आर्थिक अपराध शाखा-एक की जांच के बाद थाना सदर में मामला दर्ज किया गया था, जिसमें शिकायतकर्ता ने बताया कि वह ओरियंट क्राफ्ट स्वेटर्स लिमिटेड का मालिक है और गारमेंट्स का व्यवसाय करता है। आर्थिक संकट के चलते वह ब्याज पर लोन की तलाश कर रहा था। इसी दौरान 25 मई 2023 को तरुण मनचंदा नामक व्यक्ति ने उसे फोन कर स्वयं को हरियाणा के फाइनेंसर विक्रम और हैदराबाद के फाइनेंसर नितिन गर्ग से जुड़ा बताया। दो दिन बाद तरुण, नितिन गर्ग और विक्रम शिकायतकर्ता के कार्यालय पहुंचे और छह प्रतिशत ब्याज दर पर 100 करोड़ रुपये तक का लोन दिलाने का आश्वासन दिया।
जरूरी दस्तावेज लेने के बाद आरोपितों ने उसे हैदराबाद बुलाया, जहां उसकी मुलाकात श्रीनिवास कंडोला से कराई गई।यहां उसे 2.50 करोड़ रुपये का अल्पकालिक और 40 करोड़ रुपये का दीर्घकालिक लोन देने का प्रस्ताव दिया गया। साथ ही 40 करोड़ के लोन के लिए 2.50 करोड़ रुपये अग्रिम ब्याज के रूप में जमा कराने की शर्त रखी गई। भरोसा जीतने के लिए आरोपितों ने शिकायतकर्ता के खाते में 2.25 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद 15 जून 2023 को हैदराबाद के एक होटल में हुई मीटिंग के दौरान शिकायतकर्ता ने 4.70 करोड़ रुपये आरटीजीएस के माध्यम से आरोपितों के खातों में ट्रांसफर कर दिए। रकम मिलते ही आरोपी 15 मिनट में 40 करोड़ रुपये खाते में आने की बात कहकर चले गए, लेकिन कई माह बाद भी खाते में लोन के रुपये नहीं आए।शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ धोखा हुआ है और उन्होंने पुलिस से संपर्क किया।
गुरुग्राम पुलिस की ईओडब्ल्यू ने मामले की जांच की और 30 दिसंबरको तेलंगाना के कोमपल्ली से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान, वेनम राजू नाम के व्यक्ति ने खुलासा किया कि वह श्रीनिवास के साथ वित्त विभाग में काम करता था और उसने कथित तौर पर धोखाधड़ी में शामिल होने की बात कबूल की।
पुलिस ने बताया कि आरोपित वेनम राजू ने स्वीकार किया कि ठगी की रकम में से 50 लाख रुपये उसके हिस्से में आए थे।