Year End 2025: भारत के लोगों ने 2025 में गूगल पर क्या-क्या खोजा

Year End 2025:  2025 में, भारत के लोगों ने गूगल के सर्च इंजनों के जरिए पूरे साल खोजबीन की। वे जश्न मनाने, अपनी चिंता दूर करने के लिए, जवाब पाने और मनोरंजन के लिए अलग-अलग चीजें तलाशते दिखे। गूगल पर उनकी ये खोजें इस बात की झलक पेश कर रही थीं कि देश क्या सोच रहा था, क्या महसूस कर रहा था और क्या समझने की कोशिश कर रहा
था।

क्रिकेट और जश्न
क्रिकेट एक बार फिर सर्च बार पर छा गया। IPL 2025 ने सबका ध्यान खींचा, क्योंकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू ने आखिरकार पहली बार ट्रॉफी जीत ली और “ई साला कप नामदे यानी इस साल कप हमारा है” का स्लोगन इतिहास बन गया। साथ ही इंटरनेट पर हलचल मच गई।

तकनीक और जिज्ञासा
टेक्नोलॉजी से संबंधित सर्च में भी भारी उछाल आया। गूगल जेमिनी में लोगों ने जबरदस्त दिलचस्पी दिखाई क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कार्यस्थल, कक्षाओं और रचनात्मकता में रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया। यह जिज्ञासा ट्रेंड में भी झलकने लगी। नैनो बनाना प्रॉम्प्ट से लेकर चैटजीपीटी जनरेटेड गिबली-स्टाइल आर्टवर्कं तक, एआई की रचनात्मकता पूरे साल सोशल मीडिया पर छाई रही।

मनोरंजन
सिनेमा ने देश के मिजाज को आकार देना जारी रखा। सैयारा 2025 में गूगल पर सबसे ज्यादा सर्च की जाने वाली फिल्म बनकर उभरी। इस फिल्म के सितारे टॉप ट्रेंड में शामिल रहे। वहीं इसका टाइटल ट्रैक गूगल की
hum-to-search list में टॉप पर रहा।

आस्था और जमीनी हकीकत
जमीनी स्तर पर, महाकुंभ सर्च के मामले में सबसे ऊपर था। लोग गूगल पर सिर्फ सुर्खियां नहीं पढ़ रहे थे, बल्कि तारीखें, रास्ते और ठहरने की जगहें खोज रहे थे, जो इस बड़े आयोजन की व्यापकता को दर्शाता है।

रोजमर्रा की चिंताएं
गूगल सर्च में लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी चिंताएं भी उभरकर सामने आईं। “Air quality near me” ट्रेंड करता दिखा क्योंकि दिल्ली के कुछ हिस्सों में एक्यूआई 400 से ऊपर पहुंचने के साथ ही प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। इसने लोगों को घर से बाहर निकलने से पहले वायु गुणवत्ता को जांचने के लिए मजबूर कर दिया।

विश्लेषण और राजनीति
वैश्विक और घरेलू घटनाक्रमों ने गूगल पर व्याख्यात्मक लेखों के सर्च को बढ़ावा दिया। अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच “युद्धविराम क्या है” को सर्च किए जाने में तेज़ी आई। वहीं देश में “वक्फ विधेयक क्या है” का सर्च किया जाना सटीक और सरल भाषा में जानकारी की बढ़ती मांग को दर्शाता है।

यादें और जज्बात
कुछ सर्च में जज्बात उफान पर दिखे। नवंबर महीने में दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के निधन के बाद, भारतीयों ने उनकी फिल्मों, गानों और यादगार अभिनय को याद करने के लिए गूगल का सहारा लिया।

इंटरनेट पर सनसनी
और फिर अचानक कुछ हैरान कर देने वाली बातें हुईं। एक छोटा सा खिलौना.. एक प्यारी सी छोटी गुड़िया लाबुबू को बहुत कम लोग ही जानते थे लेकिन जल्द ही ये गूगल पर सबसे ज्यादा सर्च की जाने लगी। इससे एक बार फिर ये साबित हो गया कि इंटरनेट कितना अप्रत्याशित हो सकता है।

सर्च की गई ये सभी चीजें 2025 में अपनी छाप छोड़ती हैं जो खेल, सिनेमा, आस्था, भय और आकर्षण का साल रहा। जब भारत मौजूदा लम्हे को समझना चाहता है, तो वो बस गूगल सर्च करने में जुट जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *