Mussoorie: पहाड़ों की रानी मसूरी एक बार फिर लोकसंस्कृति, संगीत और उत्सव के रंग में रंग गई, सर्वे मैदान से निकली भव्य सांस्कृतिक शोभायात्रा के साथ विंटर लाइन कार्निवाल का शुभारंभ हुआ। हेलीकॉप्टर से की गई पुष्पवर्षा ने पूरे नगर को उत्सवमय बना दिया, वहीं ढोल-दमाऊं की गूंज और पारंपरिक नृत्यों ने पर्यटकों व स्थानीय लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
शोभायात्रा सर्वे मैदान से लंढौर बाजार, घंटाघर और कुलड़ी माल रोड होते हुए गांधी चौक पहुंची। गढ़वाल सभा मसूरी, झूमिलो ग्रुप सहित विभिन्न सांस्कृतिक दलों के कलाकारों और स्कूली छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में लोकनृत्य प्रस्तुत किए। यात्रा मार्ग पर उमड़ी भीड़ ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
गांधी चौक पहुंचने पर आईटीबीपी और सीआरपीएफ बैंड की सुमधुर प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। इसके बाद मांगल गीतों और स्वजन शिक्षा समिति के तत्वावधान में प्रस्तुत लोकनृत्यों ने उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में सामने रखा।
उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने गांधी चौक पर विंटर लाइन कार्निवाल का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद प्रदेश का पर्यटन प्रभावित हुआ था, जिसे पुनर्जीवित करने के लिए मसूरी और नैनीताल में विंटर लाइन कार्निवाल की शुरुआत की गई।
कार्निवाल से पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं और पहाड़ी उत्पादों व व्यंजनों को नई पहचान मिली है। कार्निवाल का पहला दिन ‘उत्तराखंड के गांधी’ इंद्रमणि बडोनी को समर्पित किया गया है, जबकि दूसरा दिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम रहेगा। उन्होंने कहा कि राज्य गठन ने उत्तराखंड को सांस्कृतिक पहचान दी, जिसके बिना ऐसे आयोजन संभव नहीं थे।
एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कि कार्निवाल के तहत अगले छह दिनों तक रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्टार नाइट सहित प्रमुख आयोजन टाउनहॉल में होंगे। पर्यटकों की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। विंटर लाइन कार्निवाल एक बार फिर मसूरी को संस्कृति, पर्यटन और लोक परंपरा के उत्सव के रूप में देश-विदेश में नई पहचान दिला रहा है।