loksabha: लोकसभा ने मणिपुर माल एवं सेवा कर (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2025 को विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच मंजूरी दे दी, जो इस संबंध में लाए गए अध्यादेश की जगह लेगा।
मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कुछ अन्य मुद्दों पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों के सदस्यों के शोर-शराबे के बीच सदन ने विधेयक को ध्वनिमत से पारित किया।
इससे पहले सदन ने आरएसपी सांसद एन के प्रेमचंद्रन के, मणिपुर माल और सेवा कर (दूसरा संशोधन) अध्यादेश, 2025 को अस्वीकृत करने संबंधी सांविधिक संकल्प को खारिज कर दिया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच मणिपुर माल एवं सेवा कर (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2025 को सदन में चर्चा और पारित करने के लिए प्रस्तुत किया।
उन्होंने विधेयक पेश करते हुए कहा कि यह विधेयक मणिपुर माल और सेवा कर (दूसरा संशोधन) अध्यादेश की जगह लेगा, जिसे सात अक्टूबर, 2025 को लागू किया गया था।
सीतारमण ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी कानून में किए गए संशोधन अक्टूबर 2025 में लागू हुए और आधे से अधिक राज्यों ने इन्हें अपडेट कर दिया था, लेकिन मणिपुर में राज्य विधानसभा निलंबित होने के कारण इसे अध्यादेश के जरिए सात अक्टूबर को लागू किया गया।
विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए बीजेपी के शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि देश की बिखरी हुई अर्थव्यवस्था में जीएसटी से एकाग्रता आई है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संबंध में विकसित मणिपुर का भी बड़ा योगदान है और इसलिए इस जीएसटी विधेयक का सदन में आना बहुत आवश्यक और महत्वपूर्ण है।
मणिपुर में इस समय राष्ट्रपति शासन लागू है। सदन ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच ध्वनिमत से विधेयक पारित कर दिया। इसके बाद सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।