Sambhal: संभल में धीरे-धीरे सामान्य हो रहा जनजीवन, इंटरनेट पर पाबंदी जारी

Sambhal: उत्तर प्रदेश के संभल में मुगलकालीन जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान भड़की हिंसा के दो दिन बाद मंगलवार को जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। स्कूल फिर से खुल गए हैं और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों की कई दुकानें फिर से खुल गई हैं, हालांकि संभल तहसील में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं, जिला सूचना अधिकारी बृजेश कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार संभल तहसील में बुधवार शाम चार बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी। इस बीच हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोगों ने एकता का आह्वान किया है। सोमवार को संभल में बाजार बंद थे लेकिन कई इलाकों में दुकानें खुली देखी गईं। मंगलवार सुबह भी स्थिति सामान्य नजर आई।

हिंसा के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं। प्रमुख चौराहों पर पुलिस तैनात है और संवेदनशील इलाकों में रैपिड एक्शन फोर्स (आएएफ) के कर्मी तैनात हैं, प्रशासन ने 30 नवंबर तक बाहरी लोगों और जनप्रतिनिधियों के संभल में प्रवेश पर रोक लगा दी है। जिले के ज्यादातर हिस्सों में मंगलवार को स्थिति शांत दिखाई दी, लेकिन शहर के कोट पूर्वी मोहल्ले में शाही जामा मस्जिद के आसपास का इलाका सुनसान रहा। संभल में रविवार को जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इस घटना में चार लोगों की मौत हो गई और करीब 25 लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में सोमवार को 25 लोगों को गिरफ्तार किया था।

मुरादाबाद मंडल के आयुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने मंगलवार को कहा, “संभल में स्थिति सामान्य है और दुकानें खुली हैं। जिस इलाके में हिंसा भड़की थी, वहां कुछ दुकानें बंद हैं, लेकिन बाकी जगहों पर दुकानें खुली हैं और कहीं कोई तनाव नहीं है।”

उन्होंने कहा, “यहां के सांसद और स्थानीय विधायक के बेटे पर भी भीड़ को भड़काने का मामला दर्ज किया गया है। आगे की जांच जारी है।” पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) मुनिराज जी. ने कहा कि पुलिस अपनी ड्यूटी पर है और मंगलवार को संभल में कहीं से भी कोई अप्रिय खबर नहीं आई। उन्होंने कहा, “सामान्य स्थिति बहाल हो रही है, दुकानें खुल रही हैं, कोई समस्या नहीं है।” शांति कमेटी के सदस्य और अखिल भारतीय व्यापार मंडल के नेता हाजी एहतेशाम ने कहा कि ये सब बाहर के लोगों द्वारा किया गया है और जो भी हुआ बहुत गलत हुआ है। एहतेशाम ने कहा ”हम सब इन सब बातों को भूलकर एक बार फिर शांति की राह पर लौटेंगे।”

वहीं सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य शिव शंकर शर्मा ने कहा, ”इस तरह की घटना से माहौल खराब होता है। संभल में सभी लोग आपस में मेल जोल करके फिर सांप्रदायिक सौहार्द बनाएंगे।” इस बीच सोहेल इकबाल ने कहा कि वे हिंसा वाली जगह पर पर मौजूद नहीं थे और उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों का खंडन किया।

संभल डीएम राजेंद्र पैंसिया ने कहा कि “आज तक स्थिति पूर्ण नियंत्रण में है, सब जगह पूर्ण शांति है और वर्तमान में सारे बाजार, कार्यालय, विद्यालय सब खुल चुके हैं, तो स्थितियां पूर्ण रूप से सामन्य हैं। कुछ हमारे जनप्रतिनिधिगण आना चाहते थे, उनसे हमने व्यक्तिगत रूप से अनुरोध किया, हमारे कमिश्नर साहब ने अनुरोध किया तो वे मान गए। क्योंकि उनको स्थिति का पता था कि धारा 163 लगी हुई है तो हम उसके बाद आएंगे। तो 30 तारीख के बाद यदि कोई आएगा तो देखेंदे, 30 तक तो अभी मना कर रखा है, उसके बाद कोई स्थिति होगी तो हम देखेंग। अभी 24 घंटे के लिए केवल तहसील क्षत्र में बढ़ाया है हमने इंटरनेट बैन ताकि किसी प्रकार की अफवाह ना फैले।

इसके साथ ही संभल एसपी ने कृष्ण कुमार बिश्नोई बताया कि “पिछले 24 घंटे के अंदर कुल 27 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उनको जेल भेजा गया है, उसमें 25 पुरुष और दो महिलाएं हैं। इनको थाना नखासा और थाना कोतवाली, संभल क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। विभिन्न सीसीटीवी फुटेज हैं उनको निकाला जा रहा है, विभिन्न डीवीआर इकट्ठा की गई हैं उनको फोटोज को प्रोसेस करके ताकि एविडेंशियल वैल्यू उनकी रहे उसके आधार पर पहचान की जा रही है। 100 से ज्यादा ऐसे लोगों की लिस्ट बना ली गई है जो लोग इस हिंसा में मुख्य रूप से शामिल थे, उनकी पहचान भी करली गई है और उनकी भी गिरफ्तारी है वो समय रहते सुनिश्चित की जाएगी।”

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