Diwali: दिवाली और धनतेरस आने को हैं, इससे पहले देशभर के गहना बाजारों में रौनक है, त्योहारी सीजन में अमूमन सोने-चांदी के गहनों की ज्यादा मांग होती है, लेकिन इस साल इनकी कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं। लिहाजा गहनों की खरीदारी कुछ मंदी है।
कीमतों में उछाल के बावजूद उत्तर प्रदेश में मेरठ के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी के सिक्के खरीदने वालों की भीड़ लग रही है, ज्वैलर्स का कहना है कि ऊंची कीमतों की वजह से लोगों की दिलचस्पी भारी गहनों के बजाय कम वजन के गहनों में है।
गुजरात के राजकोट में ज्वैलरी के लिए मशहूर सोनी मार्केट अब तक फीका था, हालांकि धनतेरस और दिवाली नजदीक आने के साथ बाजार में सुधार हो रहा है, दुकानदारों का कहना है कि लोग ऊंची लागत के बावजूद, त्योहारी सीजन और इन्वेस्टमेंट के लिए नए डिजाइन के गहने खरीद रहे हैं।
राजस्थान के जोधपुर में कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद शुद्ध चांदी के सिक्कों की अच्छी मांग है, हाई क्वालिटी चांदी के सिक्के ढालने वाले एक टकसाल ने इस सीजन के लिए करीब 500 किलोग्राम सिक्के तैयार किए हैं। कारीगर मांग पूरी करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।
यहां के सिक्के अपनी शुद्धता और पारंपरिक अहमियत के लिए देश भर में मशहूर हैं, फिर भी महंगाई का असर बाजार पर दिख रहा है, जानकारों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने-चांदी की रिकॉर्ड ऊंची कीमतों के बावजूद, इस त्योहारी सीजन में देश भर के गहना बाजार में तेजी रहेगी।
यूनाइटेड ज्वैलर्स एंड मैन्युफैक्चरर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष संजीव अग्रवाल ने कहा कि “बढ़ती महंगाई के साथ लोगों की परचेजिंग पावर थोड़ी कम है। लोगों का ट्रेंड लाइट वेट, टर्किश और इटैलियन ज्वैलरी की तरफ ज्यादा बढ़ा है। चांदी में लोगों को अब भारी सेटों का चलन नहीं रहा। लोगों को बढ़ती महंगाई के साथ फैशन ज्वैलरी के रूप में चांदी के हल्के जेवरों में ज्यादा इंटेरेस्ट आ रहा है। खास कर जो हमारी कम उम्र की बहनें हैं, उनको। सिक्कों का तो हमेशा से ही हमारे यहां धार्मिक प्रचलन है। तो उसके तहत सभी सिक्के खरीदना है। इन्वेस्टर्स सिक्के ले रहे हैं। सिक्कों में भी भारी सिक्के की जगह लाइट वेट फैंसी जो, डिजाइनर सिक्के आ रहे हैं, उनका लोगों के बीच ज्यादा चलन है।”
ज्वैलरों का कहना है कि “इन दिनों सोने की कीमत 80 हजार रुपये है, सोने के बाजार में कभी गिरावट नहीं आई है। त्योहारी सीजन में इसकी हमेशा बढ़ी है। इसलिए लोग सोना खरीदने में कभी संकोच नहीं करते हैं। पिछले एक महीने से कीमतें बढ़ रही हैं। ये इन्वेस्टमेंट है, क्योंकि इसकी कीमत कभी कम नहीं होती।”
व्यापारियों का कहना है कि “जैसे इस बार तो जो चांदी है, पिछले साल से करीब-करीब 20 से 25 परसेंट का चांदी ने रिटर्न दिया है। तो ऐसे में चांदी में निवेश के प्रति लोगों में उत्सुकता बढ़ी है और लोग ज्यादा से ज्यादा चांदी में निवेश कर रहे हैं, क्योंकि ऐसा माना जा रहा है कि जो ट्रेड से जुड़े हमारे जो एक्सपर्ट्स हैं, उनका ये कहना है कि चांदी अगले साल तक सवा लाख रुपये तक जा सकती है। ऐसे में जो चांदी के सिक्के हैं वो भी 1100 रुपये तक पहुंच गए हैं जो पिछले साल करीबन 850 से 900 रुपये थे। और जहां तक जोधपुर की बात की जाए तो जोधपुर के जो सिक्के हैं, त्रिमूर्ति एसोसियेशन मार्क के सिक्के हैं। वो पूरे इंडिया में फेमस हैं। जोधपुर के सिक्कों की प्योरिटी भी पूरे इंडिया में फेमस है।”