Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के जबलपुर में डेंगू का कहर लगातार बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग की चुनौतियां काफी बढ़ गई हैं, आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक एलिसा और रैपिड कार्ड टेस्ट दोनों से अब तक 252 डेंगू केस की पुष्टि हो चुकी है
अधिकारियों का कहना है कि जमा पानी में पैदा हो रहे मच्छरों के लार्वा को खत्म करने और मच्छरों की आबादी को नियंत्रित करने में मददगार 50,000 से ज्यादा गम्बूसिया मछली कई इलाकों में बांटी गई हैं
जिला स्वास्थ्य विभाग की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक डेंग के कुल मरीजों में बच्चों की संख्या ज्यादा है, बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी भी जारी कर दी है। एडवाइजरी में लोगों से बुखार आने पर डॉक्टरों से सलाह लेने और अपने घरों के आसपास पानी जमा न होने देने की अपील की गई है, इस साल अब तक मध्य प्रदेश में डेंगू के लगभग 3,800 और मलेरिया के 1,500 मामले सामने आ चुके हैं।
रीजनल हेल्थ डायरेक्टर एंड रीजनल सर्विसेज डॉ. संजय मिश्रा ने कहा कि “एक जनवरी से अभी तक जो डेंगू के एलाइसा टेस्ट पॉजिटिव आए हैं मरीज वो 252 हैं चूंकि एलाइसा टेस्ट ही कंफर्मेटिव है इसलिए जब तक उसमें पॉजिटिव नहीं आते हैं तब तक हम लोग नहीं करते हैं उसको पॉजिटिव, इसके अतिरिक्त डेंगू के लिए हमारी टीमें शहर भर में लगी हैं नगर निगम के सहयोग से काम कर रहे हैं। लार्वा का विनष्टीकरण काम हो, हम लोगों ने 50 हजार के करीब गम्बूसिया मछली बांट दी हैं अभी तक, गम्बूसिया मछली घर के आसपास प्लॉट वगैरह में पानी में वो मछली डाल दी जाए तो वो पूरे लार्वा खा जाती है। हमारी टीम फॉगिंग का काम कर रही है और लार्वा जहां पाए जा रहे हैं वहां पर हम लोग पैनल्टी भी लगा रहे हैं लोगों पर।”