IND vs NZ: भारतीय तेज गेंदबाजों का कहर, अर्शदीप-गुरनूर-कंबोज ने न्यूजीलैंड को 185 रन पर समेटा

IND vs NZ: भारत के युवा तेज गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी को तहस-नहस कर दिया। अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़ और अंशुल कंबोज की घातक गेंदबाजी के सामने कीवी टीम पहले वनडे मुकाबले में 185 रन पर ऑलआउट हो गई। बुधवार को खेले जा रहे इस मैच में तीनों गेंदबाजों ने मिलकर कुल नौ विकेट हासिल किए।

न्यूजीलैंड की टीम निर्धारित 50 ओवर भी पूरे नहीं खेल सकी और 40.2 ओवर में उसकी पारी समाप्त हो गई। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, जो टीम के लिए सही साबित हुआ। जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा की गैरमौजूदगी में भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी युवा खिलाड़ियों पर थी। इन गेंदबाजों ने बादलों से घिरे मौसम और पिच से मिल रही स्विंग का शानदार फायदा उठाते हुए कीवी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

अर्शदीप सिंह सबसे सफल भारतीय गेंदबाज रहे। उन्होंने 70 रन खर्च करके चार विकेट अपने नाम किए। गुरनूर बराड़ ने 44 रन देकर तीन बल्लेबाजों को आउट किया, जबकि अंशुल कंबोज ने 10 ओवर में महज 22 रन देकर दो विकेट हासिल किए। न्यूजीलैंड की ओर से टिम सीफर्ट ने 38 रनों की सर्वाधिक पारी खेली। ग्लेन फिलिप्स ने 30 रन बनाए, जबकि निचले क्रम में ब्लेयर टिकनर ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए चार छक्कों की मदद से 34 रन जोड़े।

मैदान का आकार अपेक्षाकृत छोटा होने के कारण बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने का अवसर मिल रहा था, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने अपनी रणनीति से कीवी टीम पर दबाव बनाए रखा। अर्शदीप ने सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए पावरप्ले में ही दो अहम विकेट झटक लिए। नतीजतन न्यूजीलैंड शुरुआती 10 ओवर में दो विकेट खोकर सिर्फ 45 रन बना सका।

अर्शदीप ने विल यंग को नौ रन के निजी स्कोर पर आउट कर भारत को पहली सफलता दिलाई। पुल शॉट खेलने के प्रयास में यंग ने गेंद हवा में उछाल दी, जिसे श्रेयस अय्यर ने आसानी से कैच कर लिया। इसके बाद हेनरी निकोल्स भी ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके। नौ रन बनाने के बाद वह पुल शॉट खेलने के प्रयास में नमन धीर को कैच थमा बैठे।

दूसरी ओर, टिम सीफर्ट ने औकिब नबी की गेंद पर छक्का लगाकर अपने इरादे जाहिर किए। हालांकि, गुरनूर बराड़ की शॉर्ट पिच गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में वह अपना विकेट गंवा बैठे। सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी रुतुराज गायकवाड़ ने मिड-ऑन पर उनका कैच लपका। इससे पहले नबी की गेंद पर सीफर्ट को जीवनदान भी मिला था, जब नमन धीर उनका आसान कैच छोड़ बैठे थे।

गुरनूर ने इसके बाद न्यूजीलैंड के कप्तान टॉम लैथम को भी चलता किया। लैथम ने गुरनूर की गेंद पर शॉट खेला, लेकिन गेंदबाज ने खुद ही शानदार एक हाथ से कैच पकड़कर उन्हें पवेलियन भेज दिया। चार विकेट गिरने के बाद न्यूजीलैंड की स्थिति काफी कमजोर हो गई। डैरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स ने पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों से बड़ी साझेदारी की उम्मीद थी, लेकिन रोहित शर्मा की सतर्कता और विकेटकीपर केएल राहुल के प्रयासों से मिचेल 28 रन बनाकर रन आउट हो गए।

100 रन से पहले ही न्यूजीलैंड की आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी। ऐसे में अंशुल कंबोज ने किफायती गेंदबाजी से बल्लेबाजों पर दबाव और बढ़ा दिया। उन्होंने लगातार डॉट गेंदें डालते हुए कप्तान मिचेल सैंटनर और नाथन स्मिथ के विकेट हासिल किए। हालांकि, पारी के अंतिम ओवरों में ब्लेयर टिकनर ने कुछ बड़े शॉट लगाकर स्कोर को आगे बढ़ाने की कोशिश की। उन्होंने अर्शदीप सिंह के आखिरी ओवर में लगातार तीन छक्के जड़कर दर्शकों का मनोरंजन किया, लेकिन तब तक न्यूजीलैंड की पूरी टीम 185 रन पर सिमट चुकी थी, इस तरह भारतीय गेंदबाजों ने अनुभव की कमी के बावजूद शानदार प्रदर्शन कर टीम को पहले वनडे में मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

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