Cricket: भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने टीम चयन और खिलाड़ियों को मौके देने के मुद्दे पर अपनी सोच साफ कर दी है। उनका कहना है कि कोच के तौर पर उनकी प्राथमिकता सभी को खुश रखना नहीं, बल्कि टीम के हित में सही फैसले लेना है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि भारतीय टीम के पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है, लेकिन लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
न्यूजीलैंड के खिलाफ पांचवें टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले से पहले आधिकारिक प्रसारक से बातचीत में गंभीर ने कहा कि लोकप्रिय फैसले लेना आसान होता है, लेकिन उनकी जिम्मेदारी ऐसे निर्णय करना है जो टीम के लिए सही हों। उनके मुताबिक, ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों के बीच भरोसा और सुरक्षा का माहौल बनाए रखना भी बेहद जरूरी है।
दरअसल, युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को फिलहाल प्लेइंग इलेवन में ज्यादा अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। इसकी प्रमुख वजह शीर्ष क्रम में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा का अच्छा प्रदर्शन है। इन दोनों बल्लेबाजों ने इस साल की शुरुआत में भारत को टी20 विश्व कप का खिताब दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई थी।
गंभीर ने कहा कि टीम में काफी प्रतिभा मौजूद है, लेकिन लंबे समय से निरंतर अच्छा प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर अधिक मौके मिलना स्वाभाविक है। मौजूदा सीरीज में टीम इसी नीति के साथ आगे बढ़ रही है।
सीरीज का नतीजा पहले ही भारत के पक्ष में आने के बावजूद खिलाड़ियों की प्रेरणा को लेकर गंभीर ने कहा कि देश के लिए खेलने वाले क्रिकेटरों के मन में आत्मसंतुष्टि की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार, राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करने का अवसर चुनिंदा खिलाड़ियों को ही मिलता है। इसलिए हर मुकाबले को कुछ नया सीखने, बेहतर प्रदर्शन करने और अपनी क्षमताओं को निखारने के अवसर के रूप में देखना चाहिए।
गौरतलब है कि भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर अजेय बढ़त हासिल कर ली थी।
भारतीय टीम के व्यस्त क्रिकेट कार्यक्रम पर बात करते हुए गंभीर ने बताया कि न्यूजीलैंड दौरे से पहले खिलाड़ियों को तैयारी के लिए बेहद सीमित समय मिला था। टीम ने 17 अक्टूबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना आखिरी मुकाबला खेला और अगले ही दिन न्यूजीलैंड के लिए रवाना हो गई। ऐसे में खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए केवल एक सत्र मिल पाया।
मुख्य कोच ने परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने के लिए खिलाड़ियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कम समय और लगातार क्रिकेट खेलने के दबाव के बावजूद टीम ने जिस तरह परिस्थितियों के साथ तालमेल बिठाया, वह प्रशंसनीय है।