Cyclone: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चक्रवात ‘अर्नब’ से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति को लेकर गुरुवार को आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से संपर्क किया। उन्होंने प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के आसपास और तटीय आंध्र प्रदेश तथा यानम के निकट सक्रिय चक्रवाती तूफान की तीव्रता में कमी आई है। बुधवार रात जारी मौसम बुलेटिन में बताया गया कि तूफान पिछले छह घंटों के दौरान करीब 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ा और कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया।
मौसम विभाग ने अनुमान जताया था कि यह सिस्टम अगले 48 घंटों में उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए धीरे-धीरे कमजोर होगा। इसके 28 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि तक गहरे दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना जताई गई थी।
NDRF और SDRF की टीमें राहत अभियान में जुटीं
अमित शाह ने बताया कि चक्रवात के संभावित प्रभाव से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें सक्रिय हैं। प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत संबंधी गतिविधियां तेजी से संचालित की जा रही हैं। गृह मंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्होंने चारों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की है। उन्होंने आश्वस्त किया कि चक्रवात के कारण परेशानियों का सामना कर रहे लोगों को राहत देने में केंद्र सरकार पूरा सहयोग करेगी।
नुकसान का आकलन करने के लिए भेजी जाएंगी केंद्रीय टीमें
गृह मंत्री के मुताबिक, चक्रवात से हुए नुकसान और प्रभावित क्षेत्रों की जरूरतों का जायजा लेने के लिए जल्द ही कई अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमें (IMCT) भेजी जाएंगी। ये टीमें जमीनी हालात का आकलन कर आगे की सहायता के लिए जरूरी जानकारी जुटाएंगी। अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार इस आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। राहत और बचाव कार्यों के साथ-साथ हालात की समीक्षा कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।