Rahul Gandhi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीन शब्दों ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ (सत्य, कल्याण और सुंदरता) लिखे। यह पोस्ट राष्ट्रीय राजधानी में 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली ‘वोट बचाओ’ रैली से कुछ दिन पहले आई है।
इस पोस्ट में काले रंग की पृष्ठभूमि पर तीन सफेद रेखाओं को एक लाल खड़ी रेखा से काटते हुए दिखाया गया है। यह डिजाइन भगवान शिव से जुड़े ‘त्रिपुंड तिलक’ जैसा प्रतीत होता है। विद्वान एंटोनियो रिगोपोलोस का हवाला देते हुए कहा गया है कि त्रिपुंड शैव परंपरा का एक चिह्न है, जिसमें माथे पर भस्म की तीन क्षैतिज रेखाएं होती हैं। ये भगवान शिव की इच्छा, ज्ञान और क्रिया की त्रिविध शक्ति का प्रतिनिधित्व करती हैं।
इससे पहले राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शनों की तुलना भगवान शिव के ‘तांडव’ से की थी। उन्होंने कहा था कि इस आंदोलन के लिए किसी औपचारिक योजना की जरूरत नहीं है। उनके अनुसार, विरोध प्रदर्शन किसी तय योजना पर निर्भर नहीं है और अलग-अलग रूपों में जारी रहेगा। उन्होंने कहा था, “योजना यह थी कि हम बस से जाएंगे, वहां बैठेंगे और गिरफ्तारी देंगे। पुलिस हमें जाने नहीं देती। इसलिए हमने योजना बदल दी। परिणाम योजना से आया या बिना योजना के? किसी योजना की जरूरत नहीं है। यह नृत्य जारी है। यह भगवान शिव का नृत्य है। इसमें कोई भी शिव की बारात में शामिल हो सकता है। जो भी शामिल होना चाहता है, वह आ सकता है।”
राहुल गांधी ने 1 जुलाई, 2024 को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान लोकसभा में अपने भाषण में भी भगवान शिव के प्रतीकों का उल्लेख किया था। भगवान शिव की तस्वीर दिखाते हुए उन्होंने उन्हें निर्भयता, अहिंसा और सत्यनिष्ठा का प्रतीक बताया था। कांग्रेस नेता ने ‘अभयमुद्रा’ का भी उल्लेख किया था। उन्होंने कहा था कि यह सत्य का सामना करने, निर्भयता और अहिंसा की अवधारणा के विकास में अगला कदम है। उन्होंने कहा कि दुनिया के विभिन्न धर्म साहस पर जोर देते हैं और इस संदर्भ में इस्लाम, सिख धर्म, ईसाई धर्म तथा जैन धर्म का भी उल्लेख किया।
इस बीच, 25 अक्टूबर को राहुल गांधी ने छात्रों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और व्यापारियों से 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली ‘वोट बचाओ, देश बचाओ जन मार्च और महारैली’ में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों से लोगों के नाम हटाए गए हैं और नियमों तथा कानूनों का उल्लंघन किया गया है।
एक्स पर पोस्ट में गांधी ने आरोप लगाया, “हमारे वोट चोरी किए जा रहे हैं और हम किसी भी परिस्थिति में चुपचाप इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।” 1 नवंबर के कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कांग्रेस नेता ने लोगों से जन मार्च और महारैली के लिए राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने की अपील की। उनकी पोस्ट में लिखा था, “1 नवंबर- चलो दिल्ली। वोट बचाओ, देश बचाओ जन मार्च और महारैली।”
उन्होंने लिखा, “छात्र, किसान, मजदूर, महिलाएं, युवा और व्यापारी—लोकतंत्र की परवाह करने वाले हर व्यक्ति को आना चाहिए।” इसके अलावा, सोमवार को गांधी ने एक्स पर एक और अपील जारी की, जिसमें उन्होंने इस बार राष्ट्रीय राजधानी के व्यापारिक समुदाय को संबोधित किया। उन्होंने दिल्ली में प्रशासनिक पाबंदियों और यातायात बाधित होने के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही, उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की विपक्ष की मांग भी दोहराई।
उन्होंने लिखा, “दिल्ली के हर व्यापारी से कहना चाहता हूं कि हम आपसे प्यार करते हैं और आपकी बात सुनते हैं। सरकार ने मेट्रो बंद कर दी, हमारी सड़कों को सील कर दिया और हमारी राजधानी को बंद कर दिया। जब वोट चोरी हो रहा है, तो कुछ भी सुरक्षित नहीं है—आपकी दुकान, आपकी बचत और आपके बच्चों का भविष्य भी नहीं। मोदी से कहिए कि आरोपी नंबर 4, ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करें और विरोध प्रदर्शन 30 सेकंड में रुक जाएंगे।”