Stock Market: बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में बिकवाली के बीच बाजारों में लगातार दूसरे दिन गिरावट रही

Stock Market: घरेलू शेयर बाजार में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट रही। बिजली, बैंक तथा वित्तीय शेयरों में बिकवाली तथा कच्चे तेल की ऊंची कीमत से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई, जिससे सेंसेक्स 143 अंक गिर गया। इसके अलावा, अमेरिकी बॉण्ड प्रतिफल में वृद्धि और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली ने भी बाजार धारणा को प्रभावित किया।

तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 143.21 अंक यानी 0.19 प्रतिशत टूटकर 73,709.69 अंक पर बंद हुआ। कारोबार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई और सेंसेक्स एक समय 829.29 अंक चढ़कर 74,682.19 अंक के उच्चस्तर पर पहुंच गया। हालांकि, बाद में यह शुरुआती बढ़त गंवाते हुए यह 73,229.45 अंक के निचले स्तर तक आ गया।

एनएसई का 50 शेयरों पर आधारित निफ्टी 77.60 अंक यानी 0.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,811.35 अंक पर बंद हुआ। शुरुआती कारोबार में यह 23,120.90 अंक के उच्चस्तर गया, लेकिन बाद में फिसलकर दिन के निचले स्तर 22,702.85 अंक पर आ गया। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में बजाज फाइनेंस, इटर्नल, ट्रेंट, एक्सिस बैंक, एनटीपीसी, मारुति सुजुकी इंडिया, इंडिगो, कोटक महिंद्रा बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, टाइटन और भारतीय स्टेट बैंक प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं।

वहीं, लाभ में रहने वाले शेयरों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, अल्ट्राटेक सीमेंट, भारती एयरटेल, पावरग्रिड, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईटीसी, आईसीआईसीआई बैंक और सन फार्मास्युटिकल्स शामिल हैं। इस बीच, 30,213 करोड़ रुपये के जियो प्लेटफॉर्म्स के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को बुधवार को बोली के पहले दिन करीब तीन गुना अभिदान मिला। अबतक के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गम को खुलने के 100 मिनट के भीतर पूरी बोली मिल गयी। इतनी तेजी से बोली प्राप्त करने वाला यह अबतक का पहला निर्गम है।

“कच्चे तेल की कीमत का 110 डॉलर प्रति बैरल के पार जाना निश्चित रूप से बाज़ार में घबराहट पैदा कर रहा है। महंगाई, बॉन्ड यील्ड, डॉलर इंडेक्स और भारत का ‘फियर इंडेक्स’ (VIX) – यानी उतार-चढ़ाव का पैमाना – भी तेजी से ऊपर गए हैं। मुझे लगता है कि कच्चे तेल से जुड़े मुद्दे, होर्मुज जलडमरूमध्य में गतिरोध और सऊदी अरब पर हूती हमलों जैसी समस्याओं का कोई स्थायी समाधान न निकल पाना, कच्चे तेल की कीमतों पर असर डाल रहा है, जिससे बाजारों में चिंता है।”

बाजार विशेषज्ञ शरद कोहली ने कहा, “जियो प्लेटफॉर्म्स के इश्यू को बहुत कम समय में ओवरसब्सक्राइब होते देखकर जो उत्साह था, वह अब थोड़ा ठंडा पड़ता दिख रहा है। अब ऐसा माना जा रहा है कि अगर अगले दो दिनों तक बाजार का मूड ऐसा ही बना रहता है, तो जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड की लिस्टिंग पर शायद बहुत ज्यादा नहीं, बल्कि ठीक-ठाक मुनाफा मिल सकता है।”

एशिया के अन्य बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं, हांगकांग का हैंगसेंग और चीन के शंघाई एसएसई कम्पोजिट में गिरावट रही। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में तेजी का रुख था। अमेरिकी बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 2.23 फीसदी बढ़कर 111 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 1,148.64 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 3,201.19 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। बीएसई सेंसेक्स सोमवार को 876.37 अंक टूटकर 73,852.90 अंक पर बंद हुआ था। एनएसई निफ्टी 257.20 अंक के नुकसान के साथ 22,888.95 अंक पर रहा था।

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