Saudi Arabia: भारत ने सऊदी अरब में रह रहे अपने नागरिकों के लिए एक अपडेटेड एडवाइजरी जारी की, इसमें उन्हें याद दिलाया गया है कि वे स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करते रहें और खाड़ी देश के मौजूदा हालात को देखते हुए, हवाई हमले की स्थिति में घर के अंदर ही रहें। ये अपडेटेड एडवाइजरी ऐसे समय में आई है जब यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
रियाद में भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों को मिसाइलों और ड्रोनों को रोकने से जुड़ी जानकारी की वीडियो बनाने, उसे प्रकाशित करने या साझा करने से बचने की सलाह दी है क्योंकि स्थानीय नियमों के अनुसार ऐसा करने पर संबंधित व्यक्ति को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। 10 अक्टूबर को रियाद हवाई अड्डे पर हुए हमले में घायल हुए भारतीय नागरिकों के बारे में जानकारी देते हुए दूतावास ने बताया कि दो लोग आईसीयू में हैं, एक व्यक्ति एचडीयू में है और तीन लोग सामान्य वार्ड में ठीक हो रहे हैं। दूतावास ने ये भी बताया कि गुरुवार को एक व्यक्ति को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि 11 भारतीय नागरिकों समेत कई अन्य लोग घायल हो गए। रियाद हवाई अड्डे पर उड़ान सेवाएं अभी भी बंद हैं। दूतावास ने बताया कि दम्मम, जेद्दा और मदीना हवाई अड्डों पर उड़ान सेवाएं जारी हैं, हालांकि इनमें कुछ रुकावटें आ रही हैं। भारतीय एयरलाइनों- एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, आकासा एयर और इंडिगो एयरलाइंस ने 17 अक्टूबर तक सऊदी अरब आने-जाने वाली अपनी उड़ानें निलंबित कर दी हैं।
अकासा एयर ने रियाद से आने-जाने वाली सभी उड़ानों के निलंबन को 24 अक्टूबर तक और जेद्दा से आने-जाने वाली उड़ानों के निलंबन को 21 अक्टूबर तक बढ़ा दिया। इंडिगो ने भी रियाद, जेद्दा, दम्मम और मदीना से आने-जाने वाली सभी उड़ानों के निलंबन को 24 अक्टूबर तक बढ़ा दिया। दूतावास ने बताया कि सऊदी एयरलाइंस दम्मम, जेद्दा और मदीना से अपनी निर्धारित उड़ानें संचालित कर रही है, जबकि फ्लाईनास दम्मम-लखनऊ रूट पर अपनी निर्धारित उड़ानें संचालित कर रही है।
दूतावास ने कहा कि जिन भारतीय नागरिकों को सऊदी अरब से तुरंत निकलना है, वे बहरीन, कुवैत और कतर जैसे पड़ोसी देशों से उड़ान लेने पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, दूतावास ने यह भी कहा कि इन देशों में प्रवेश के लिए जरूरी वीजा हासिल करने की जिम्मेदारी संबंधित व्यक्तियों की ही होगी। दूतावास ने कहा कि सऊदी अरब (उमराह सहित) जाने की योजना बना रहे भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे मौजूदा हालात को देखते हुए इस बात का ध्यान रखें कि भारत और सऊदी अरब के बीच उड़ानों में कभी भी अचानक रुकावट आ सकती है।
राजदूत विपुल ने एक वीडियो संदेश जारी कर परामर्श को दोहराया और भारतीय नागरिकों से “शांत रहने और न घबराने की बात कही।, उन्होंने वीडियो संदेश में कहा, “हममें से जो लोग सऊदी अरब में रह रहे हैं, वे देख रहे हैं कि यहाँ सभी कार्यालय खुले हैं, सभी सेवाएं उपलब्ध हैं, हमारा दूतावास और वाणिज्य दूतावास भी खुले हैं, और हमारा आउटसोर्स सेवा प्रदाता भी काम कर रहा है, ताकि लोगों को पासपोर्ट या अटेस्टेशन (प्रमाणीकरण) सेवाओं को प्राप्त करने में कोई परेशानी न हो।”
जेद्दा में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने बताया कि जेद्दा और मक्का में उसकी टीमें मदद के अनुरोधों पर कार्रवाई कर रही हैं, जरूरत पड़ने पर जरूरी दवाएं उपलब्ध करा रही हैं, और प्रभावित यात्रियों की सहायता के लिए भारतीय समुदाय के संगठनों तथा स्वयंसेवकों के साथ समन्वय कर रही हैं। इसमें कहा गया है, “दूतावास, फंसे हुए यात्रियों की वापसी के लिए संभावित इंतजाम तलाशने के वास्ते संबंधित एयरलाइनों और स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। जेद्दा और मक्का में 24×7 कंट्रोल रूम काम कर रहे हैं, ताकि जिन भारतीय नागरिकों को दूतावास से जुड़ी मदद की जरूरत हो, उन्हें सहायता मिल सके।”
वाणिज्य दूतावास ने बुधवार को बताया कि मक्का स्थित भारतीय हज तीर्थयात्री कार्यालय (आईएचपीओ) में एक नया कंट्रोल रूम बनाया गया है, जबकि जेद्दा में पहले से मौजूद 24 घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम भी काम करता रहेगा। वाणिज्य दूतावास ने भारतीय नागरिकों, खासकर जेद्दा और मदीना के बीच यात्रा करने वाले उमराह तीर्थयात्रियों को सलाह दी थी कि वे अपनी एयरलाइंस के लगातार संपर्क में रहें और हवाई अड्डे जाने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें। उमराह एक इस्लामी धार्मिक अनुष्ठान है जिसे साल में कभी भी किया जा सकता है, जबकि हज की तीर्थयात्रा साल में एक ही बार होती है। उमराह करने वाले तीर्थयात्री सऊदी अरब जाते हैं और इस्लाम के सबसे पवित्र शहर मक्का की तीर्थयात्रा करते हैं।