Navratri: नवरात्रि का छठा दिन, जानें मां कात्यायनी की पूजा विधि, मंत्र और धार्मिक महत्व

Navratri:  शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। नवरात्रि का छठा दिन मां कात्यायनी को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कात्यायनी की आराधना करने से भक्तों को साहस, शक्ति और आत्मविश्वास की प्राप्ति होती है। मां अपने भक्तों के कष्ट दूर कर उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। ऐसे में आइए जानते हैं नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा विधि, शुभ मंत्र और उनके धार्मिक महत्व के बारे में।

मां कात्यायनी कौन हैं?

मां कात्यायनी मां दुर्गा का छठा स्वरूप हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होकर मां दुर्गा ने उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लिया था। इसी कारण उनका नाम कात्यायनी पड़ा। मां कात्यायनी को शक्ति, साहस और धर्म की रक्षा का प्रतीक माना जाता है। उनका स्वरूप अत्यंत तेजस्वी है और वे सिंह पर सवार रहती हैं। उनकी चार भुजाएं हैं, जिनमें वे अस्त्र-शस्त्र और कमल धारण करती हैं।

मां कात्यायनी की पूजा विधि

नवरात्रि के छठे दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थल की सफाई कर मां दुर्गा और मां कात्यायनी का ध्यान करें।

  1. कलश और मां का पूजन: पूजा स्थल पर दीपक जलाएं और मां कात्यायनी को पुष्प अर्पित करें।
  2. रोली और अक्षत: मां को रोली, अक्षत, चंदन और सुगंधित पुष्प अर्पित करें।
  3. भोग लगाएं: मां कात्यायनी को शहद का भोग लगाना शुभ माना जाता है।
  4. मंत्र जाप: मां कात्यायनी के मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें।
  5. दुर्गा चालीसा और आरती: पूजा के दौरान दुर्गा चालीसा का पाठ करें और अंत में मां की आरती उतारें।
  6. प्रसाद वितरण: पूजा संपन्न होने के बाद परिवार के सदस्यों और अन्य भक्तों में प्रसाद बांटें।

मां कात्यायनी का पूजा मंत्र

नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा करते समय इस मंत्र का जाप किया जा सकता है:

ॐ देवी कात्यायन्यै नमः॥

इसके अलावा मां कात्यायनी का प्रसिद्ध ध्यान मंत्र है:

चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्याद् देवी दानवघातिनी॥

मान्यता है कि श्रद्धा और भक्ति के साथ मंत्र जाप करने से मन को शांति मिलती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

मां कात्यायनी को क्या भोग लगाएं?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कात्यायनी को शहद अर्पित करना विशेष शुभ माना जाता है। इसके अलावा भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार फल, मिठाई और अन्य सात्विक प्रसाद भी चढ़ा सकते हैं। पूजा में स्वच्छता और सात्विकता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

मां कात्यायनी की पूजा का धार्मिक महत्व

मां कात्यायनी को शक्ति और साहस प्रदान करने वाली देवी माना जाता है। भक्त उनसे जीवन की बाधाओं को दूर करने, परिवार में सुख-समृद्धि बनाए रखने और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं में मां कात्यायनी की पूजा का विशेष महत्व विवाह संबंधी मनोकामनाओं के संदर्भ में भी बताया गया है।

नवरात्रि के छठे दिन क्या करें और क्या न करें?

नवरात्रि के छठे दिन पूजा-पाठ के साथ मन, वचन और कर्म की शुद्धता बनाए रखने का प्रयास करें। जरूरतमंदों की सहायता करें और घर में सकारात्मक वातावरण बनाए रखें। पूजा के दौरान किसी के प्रति द्वेष या कटुता रखने से बचें। व्रत रखने वाले श्रद्धालु अपनी आस्था और स्वास्थ्य के अनुसार फलाहार या अन्य निर्धारित सात्विक भोजन ग्रहण कर सकते हैं।

 

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