Cricket: भारतीय उप-कप्तान तिलक वर्मा ने कहा कि भारत को वेस्टइंडीज की विस्फोटक बल्लेबाजी पर अंकुश लगाने के बजाय विकेट लेने पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि पांच मैच की टी20 अंतरराष्ट्रीय शृंखला के चौथे मुकाबले में ही जीत दर्ज कर अजेय बढ़त हासिल करने के लिए गेंदबाजी योजनाओं को सही तरीके से लागू करना महत्वपूर्ण होगा। भारत शृंखला में 2-1 से आगे है और जीत से वह अजेय बढ़त हासिल कर लेगा। वहीं, वेस्टइंडीज की टीम श्रृंखला में बराबरी करने के इरादे से उतरेगी। वेस्टइंडीज ने दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत के 249 रन के लक्ष्य को हासिल करके अपनी बल्लेबाजी की ताकत दिखाई थी। उस मुकाबले में कप्तान शाई होप ने 45 गेंद में 102 रन की पारी खेली थी।
तिलक ने कहा कि भारत ऐसी टीम के खिलाफ ढिलाई नहीं बरत सकता जिसके आखिरी बल्लेबाज के पास भी बड़े शॉट खेलने की क्षमता है। तिलक ने मैच की पूर्व संध्या पर कहा, ‘‘वेस्टइंडीज बहुत अच्छी टीम है, विशेषकर टी20 प्रारूप में। उसके खिलाड़ी काफी फ्रेंचाइजी क्रिकेट खेलते हैं इसलिए उन्हें इस प्रारूप की अच्छी समझ है। उनकी ताकत अविश्वसनीय है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उनका हर खिलाड़ी बड़े शॉट खेल सकता है। ऐसा नहीं है कि सिर्फ सलामी बल्लेबाज या तीसरे-चौथे नंबर के बल्लेबाज ही ऐसा कर सकते हैं। उनके सभी खिलाड़ी गेंद को अच्छी तरह हिट कर सकते हैं और 11वें नंबर का बल्लेबाज भी आकर बड़े शॉट लगा सकता है। जब तक सभी 10 विकेट नहीं गिर जाते, मैच खत्म नहीं होता। हम ढिलाई नहीं बरत सकते।’’
दूसरे मैच में हार के बाद भारतीय गेंदबाजी इकाई की काफी आलोचना हुई थी। वेस्टइंडीज ने पावरप्ले में तेजी से रन बनाकर मुश्किल लक्ष्य हासिल कर लिया था। 23 वर्षीय तिलक ने कहा कि टीम ने उस मैच में अपने रक्षात्मक रवैये की समीक्षा की है। भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने गेंदबाजों को अधिक आक्रामक होने और विपक्षी टीम को हावी होने देने के बजाय विकेट लेने के लिए प्रयास करने की सलाह दी है।
तिलक ने कहा, ‘‘दूसरे मैच की शुरुआत में हमने विकेट लेने की कोशिश नहीं की। जब वेस्टइंडीज रन बना रहा था तब हमारा रवैया थोड़ा रक्षात्मक था। लेकिन इसके बाद टीम के तौर पर हमने इस पर चर्चा की। गौतम सर ने भी कहा कि हम विकेट लेने के लिए जा सकते हैं और आक्रामकता दिखा सकते हैं।’’ भारत ने इंदौर में तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 14 रन से जीत दर्ज कर वापसी की थी। उसने वेस्टइंडीज को 209 रन पर रोक दिया था। हालांकि मेहमान टीम ने आखिरी ओवरों में एक बार फिर तेज बल्लेबाजी की थी। भारत के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के अच्छे फॉर्म में होने की वजह से मध्यक्रम को बल्लेबाजी के ज्यादा मौके नहीं मिल रहे हैं। तीसरे नंबर पर 13 टी20 अंतरराष्ट्रीय पारियों में दो शतक की मदद से 55.37 के औसत और 169.73 के स्ट्राइक रेट से 443 रन बनाने वाले तिलक ने कहा कि वह टीम की जरूरत के मुताबिक अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करना पसंद है और मैं कई बार ये बात कह चुका हूं। मैं हमेशा दबाव वाली जिम्मेदारी लेना चाहता हूं। जब टीम को मेरी जरूरत होगी तो मैं आगे आना चाहूंगा।’’
तिलक ने कहा, ‘‘अगर जल्दी विकेट गिरते हैं तो मैं समय लेकर पारी को आगे बढ़ा सकता हूं। लेकिन अगर सलामी बल्लेबाज या शीर्ष तीन बल्लेबाज 14वें या 15वें ओवर तक बल्लेबाजी करते हैं तो मुझे पता है कि पहली गेंद से ही अपने खेल की रफ्तार कैसे बढ़ानी है।’’ राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की दोबारा तैयार की गई पिच पर सामान्य परिस्थितियों से अलग चुनौती मिलने की उम्मीद है। तिलक ने कहा कि भारतीय टीम बल्लेबाजी की रणनीति तय करने से पहले पिच और परिस्थितियों का आकलन करेगी।
तिलक ने पिछले मैच में अपने रन आउट होने की घटना पर भी बात की। उस समय उन्होंने और अक्षर पटेल ने गलती से समझ लिया था कि डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग की दिशा में खेला गया शॉट सीमा रेखा पार कर गया है और उन्होंने क्रीज पर वापस लौटने की कोशिश नहीं की और रन आउट हो गए। तिलक ने कहा, ‘‘अक्षर और मुझे दोनों को यही लगा कि गेंद बाउंड्री पार कर गई है इसलिए मैं चलने लगा था। दुर्भाग्य से गेंद अक्षर के छोर पर फेंकी गई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने गेंद नहीं देखी थी। मुझे लगा कि चार रन हो गए हैं इसलिए मैं चलने लगा। लेकिन क्रिकेट में ऐसी घटनाएं होती रहती हैं।’’ चौथा टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच तिलक के लिए खास होगा क्योंकि वह अपने घरेलू दर्शकों के सामने खेलेंगे। उन्होंने कहा कि वह इस मौके को लेकर उत्साहित हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के कई खिलाड़ी भारतीय टीम का हिस्सा हैं जिनमें अभिषेक शर्मा, इशान किशन और नितीश कुमार रेड्डी शामिल हैं।