Stock market: डॉलर के मुकाबले रुपये में सुधार और दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (एलटीसीजी) कर के बारे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की टिप्पणी से बनी सकारात्मक धारणा से घरेलू शेयर बाजार ने जोरदार वापसी की। सेंसेक्स 1,109 अंक चढ़ गया, जबकि निफ्टी 22,720 अंक के ऊपर बंद हुआ। विश्लेषकों ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), वित्तीय और दैनिक उपयोग के उपभोक्ता सामान (एफएमसीजी) कंपनियों के शेयरों में लिवाली से भी घरेलू बाजार में निवेशक धारणा को समर्थन मिला।
बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 1,109.10 अंक यानी 1.54 प्रतिशत चढ़कर 73,033.78 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,120.99 अंक उछलकर 73,045.67 अंक तक पहुंच गया था। सेंसेक्स में यह किसी एकल कारोबारी सत्र की चार महीने की सबसे बड़ी बढ़त है। एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 358.60 अंक यानी 1.60 प्रतिशत बढ़कर 22,721.95 अंक पर बंद हुआ। यह दो महीने से अधिक समय में निफ्टी की सबसे बड़ी एकदिवसीय बढ़त है।
सेंसेक्स की कंपनियों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज का शेयर अनुकूल तिमाही नतीजों के बाद सबसे अधिक 8.28 प्रतिशत चढ़ गया। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का शेयर 6.59 प्रतिशत, टेक महिंद्रा का 4.90 प्रतिशत और इन्फोसिस का भी शेयर 4.44 प्रतिशत चढ़ गया। इसके अलावा, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाइटन, बजाज फिनसर्व, भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और आईसीआईसीआई बैंक भी प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। हालांकि, कोटक महिंद्रा बैंक, इटर्नल और मारुति के शेयरों में गिरावट रही।
वित्त मंत्री सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि एलटीसीजी कर और प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) को युक्तिसंगत बनाने को लेकर चर्चा चल रही है। उन्होंने इसे स्वस्थ चर्चा बताते हुए कहा कि वह इन विचारों को गंभीरता से सुनेंगी। वित्त मंत्री की इस टिप्पणी से प्रमुख कंपनियों के शेयरों में लिवाली तेज हो गई। इस बीच, अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपये में सुधार जारी रहा। मंगलवार को रुपया करीब 41 पैसे मजबूत होकर 95.37 प्रति डॉलर पर पहुंच गया।
रिजर्व बैंक द्वारा डेरिवेटिव बाजार में सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने के उपायों की घोषणा के बाद रुपये में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी आई। इस दौरान रुपया 1.5 प्रतिशत से अधिक चढ़ चुका है। हालांकि, व्यापक बाजार में मिला-जुला रुझान देखने को मिला। मझोली कंपनियों का बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.89 प्रतिशत चढ़ गया जबकि छोटी कंपनियों के स्मालकैप सेलेक्ट सूचकांक में 0.26 प्रतिशत की गिरावट रही।
क्षेत्रवार सूचकांकों में फोकस आईटी खंड में सर्वाधिक 5.05 प्रतिशत की तेजी देखी गई जबकि आईटी खंड में 4.92 प्रतिशत की बढ़त रही। रियल्टी खंड में 2.48 प्रतिशत, टिकाऊ उपभोक्ता खंड में 1.50 प्रतिशत और पीएसयू बैंक खंड में 1.31 प्रतिशत की तेजी रही। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड का वायदा भाव 1.66 प्रतिशत गिरकर 104.60 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की 225 गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त में रहे। यूरोपीय बाजारों में दोपहर के कारोबार के दौरान तेजी का रुख देखा गया। अमेरिकी बाजार सोमवार को ज्यादातर गिरावट के साथ बंद हुए थे। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 1,708.48 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की थी। सोमवार को सेंसेक्स 547.65 अंक गिरकर 71,924.68 अंक पर और निफ्टी 157.10 अंक टूटकर 22,363.35 अंक पर बंद हुआ था।