Ajmer: हिंदू मान्यताओं के अनुसार, दशहरे पर भगवान राम की रावण पर जीत की खुशी में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए जाते हैं।
राजस्थान के अजमेर में एक मुस्लिम परिवार पिछले पांच पीढ़ियों से इन पुतलों को बनाने का काम कर रहा है। इस साल भी परिवार दशहरे के लिए पुतले तैयार कर रहा है। इस बार रावण का पुतला 65 फीट ऊंचा, जबकि कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले 45-45 फीट ऊंचे बनाए जा रहे हैं।
पुतले बनाने के लिए 15 कारीगरों की टीम करीब एक महीने से लगातार काम कर रही है। दशहरे पर देशभर में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए जाएंगे। राजस्थान के अजमेर में भी 40 फीट से ऊंचे तीनों पुतले जलाए जाएंगे।
इन पुतलों की खास बात यह है कि इन्हें एक मुस्लिम परिवार ने बड़ी मेहनत और बारीकी से तैयार किया है। यह परिवार पिछले पांच पीढ़ियों से पुतले बनाने का काम कर रहा है, जो भारत की मिली-जुली संस्कृति और आपसी भाईचारे की मिसाल है।