CJP Protest: “हम ज्ञानेश कुमार से इस्तीफ़ा दिलवाकर रहेंगे”- अभिजीत दिपके ने कहा “जेल जाने को तैयार”

CJP Protest:  CJP से अभिजीत दीपके ने कहा कि वह जेल जाने के लिए तैयार हैं और कथित तौर पर मतदाता सूची से वोट हटाए जाने के मुद्दे पर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग की।

मुंबई से दिल्ली रवाना होते समय दीपके ने कहा कि जेल भेजने की धमकियां उन्हें अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटा सकतीं। उन्होंने कहा कि वह जेल जाने के लिए तैयार हैं और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई जारी रखेंगे।  दीपके ने कहा, “अगर आपको लगता है कि जेल की धमकी देकर या कैद का डर दिखाकर आप हमें रोक सकते हैं, तो आप गलत हैं। हम जेल जाने के लिए तैयार हैं। अगर आप हमें जेल में डालना चाहते हैं, तो डाल दीजिए। NSA, UAPA या जो भी कानून लगाना चाहें, लगा दीजिए, लेकिन हम इस देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ते रहेंगे।”

13 करोड़ से अधिक वोट हटाए जाने का दावा

अभिजीत दीपके ने दावा किया कि लोगों को उनके मतदान के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह भारतीय लोकतंत्र को बचाने के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे। दीपके ने कहा, “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें, क्योंकि 13 करोड़ से अधिक वोट हटा दिए गए हैं और लोगों को उनके मतदान के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। हम इस मुद्दे पर लड़ते रहेंगे। हमें भारत के लोकतंत्र को बचाना है।” हालांकि, 13 करोड़ से अधिक वोट हटाए जाने के उनके दावे की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।

दिल्ली बंद करने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना

दीपके ने राष्ट्रीय राजधानी में लगाए गए प्रतिबंधों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति, ज्ञानेश कुमार, को बचाने के लिए पूरी दिल्ली को बंद करने जैसी स्थिति पैदा कर दी गई है। उन्होंने कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि नरेंद्र मोदी सिर्फ एक व्यक्ति, ज्ञानेश कुमार, को बचाने के लिए पूरी राष्ट्रीय राजधानी को कैसे बंद कर सकते हैं। आपने रेल सेवाएं रोक दीं, मेट्रो बंद कर दी, सभी सड़कें रोक दीं और इंटरनेट भी बंद कर दिया।”

दिल्ली में 35 हजार से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती

प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 35 हजार से अधिक जवानों को तैनात किया गया है। केंद्रीय गृह सचिव ने भी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। जंतर-मंतर पर होने वाले इस प्रदर्शन का उद्देश्य मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग करना बताया गया है। दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद CJP ने बड़ी संख्या में लोगों के जुटने का आह्वान किया है। CJP ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए कहा, “10 अक्टूबर। जंतर-मंतर 2.0। हम ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी आवाज उठाने के लिए फिर से एकजुट हो रहे हैं। हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।”

प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के निर्देश

प्रदर्शन के ऐलान के बाद दिल्ली पुलिस ने अपनी टीमों को निर्देश दिया कि प्रदर्शन करने की कोशिश करने वाले लोगों को उनके स्थान की परवाह किए बिना हिरासत में लिया जाए। पुलिस ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की इकाइयों को भी प्रदर्शन से संबंधित तैनाती के लिए हथियार जारी नहीं करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में आवंटन योजना को लेकर संबंधित निदेशालयों को पत्र भेजे गए हैं।

INDIA गठबंधन के प्रदर्शन के दौरान किए गए इंतजामों के मुकाबले इस बार पुलिस टीमों को लाठी और बैटन रखने की अनुमति दी गई है। पुलिसकर्मियों को प्रदर्शनकारियों के साथ मौखिक विवाद से बचने के निर्देश भी दिए गए हैं। बताया गया है कि पुलिस की छवि नकारात्मक रूप में पेश करने के लिए वीडियो रिकॉर्ड कर प्रसारित किए जाने की कथित कोशिशों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

हिरासत में लिए गए लोगों को छह केंद्रों पर ले जाने की तैयारी

पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों को छह निर्धारित केंद्रों पर ले जाया जाना है। इनमें छत्रसाल स्टेडियम, राजीव गांधी स्टेडियम, यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, सूरजमल स्टेडियम, दौलतपुर का कम्युनिटी सेंटर और पंडरावल का कम्युनिटी सेंटर शामिल हैं। प्रदर्शन को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। वहीं, CJP कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही है।

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