UN: भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ है कि इस्लामाबाद भारत के केंद्रशासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के बारे में झूठ और भ्रामक दावे फैलाकर विश्व संगठन के मंच का लगातार दुरुपयोग कर रहा है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की चौथी समिति में ‘उपनिवेशवाद के उन्मूलन’ विषय पर चर्चा के दौरान पाकिस्तान की ओर से दिए गए बयान के जवाब में अपने ‘उत्तर देने के अधिकार’ का इस्तेमाल किया। यह समिति विशेष राजनीतिक मुद्दों और उपनिवेशवाद के उन्मूलन से जुड़े मामलों पर विचार करती है।
सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने भारत की ओर से जवाब देते हुए कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान भारत के केंद्रशासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के बारे में झूठ और भ्रामक दावे फैलाकर इस गरिमामय मंच का लगातार दुरुपयोग कर रहा है।’’ मेवाड़ ने कहा कि पाकिस्तान का सैन्य तानाशाही, चुनावों में धांधली, लोकप्रिय निर्वाचित नेताओं को जेल में डालने, धार्मिक कट्टरपंथ और राज्य की नीति के तौर पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का पुराना इतिहास रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे देश को भविष्य में इस मंच पर दूसरों को ‘‘उपदेश देने’’ से बचना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा है और हमेशा रहेगा।’’ भारत ने पाकिस्तान से उसके अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में जारी गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों को तत्काल रोकने का आह्वान करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों की आबादी पाकिस्तानी सेना के कब्जे, दमन, बर्बरता और संसाधनों के अवैध दोहन के खिलाफ खुलकर विद्रोह कर रही है।
मेवाड़ ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तानी सशस्त्र बलों और उनके छद्म संगठनों ने अपने बुनियादी अधिकारों, स्वतंत्रताओं और आवश्यक सुविधाओं की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे कई निर्दोष नागरिकों की जान ले ली है। मेवाड़ 15 सांसदों के उस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं, जो संयुक्त राष्ट्र के कामकाज को समझने के लिए आयोजित दौरे के तहत इस सप्ताह की शुरुआत में यहां पहुंचा था।
यात्रा के दौरान सांसदों ने संयुक्त राष्ट्र में कई गतिविधियों में हिस्सा लिया। उन्होंने न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूतावास की ओर से आयोजित विशेष स्वागत समारोह में भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी मुलाकात की।