CJP: दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP)के नेतृत्व में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर शनिवार को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। सुरक्षा के लिहाज से यहां भारी पत्थर के बैरिकेड्स लगाए गए। राष्ट्रीय राजधानी की ओर जाने वाले वाहनों की पुलिस ने सघन जांच भी की।
दिल्ली पुलिस ने पूरे शहर में सुरक्षा इंतजाम बढ़ा दिए हैं। दक्षिण जिले समेत अंतरराज्यीय और अंतर-जिला सीमाओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। दक्षिण जिला डीसीपी अनंत मित्तल ने बताया कि प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
मित्तल ने कहा, “दिल्ली में CJP की ओर से किए गए प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए दक्षिण जिले समेत पूरे शहर में सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। अंतरराज्यीय और अंतर-जिला सीमाओं पर विशेष सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं।” उन्होंने कहा कि अनधिकृत लोगों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोकने के लिए जांच की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिन शांतिपूर्ण ढंग से बीते।
सीमाओं पर 12 से अधिक पिकेट, ड्रोन और CCTV से निगरानी
डीसीपी ने बताया कि विभिन्न सीमाओं पर करीब 12 पुलिस पिकेट स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा जिले के भीतर भी कई पिकेट और बाहरी चौकियां बनाई गई हैं। पुलिस प्रदर्शन का आह्वान करने वाले संगठनों के सदस्यों की पहचान कर उन्हें रोकने और समझाने के लिए जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में अनधिकृत जमावड़े और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए ड्रोन तथा सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। पुलिस भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत जारी आदेशों के बारे में लगातार घोषणाएं भी कर रही है।
गाजियाबाद बॉर्डर पर करीब 100 जवान तैनात
एसीपी सूर्यबली मौर्य ने बताया कि कानून-व्यवस्था की स्थिति और त्योहारों के मौसम को ध्यान में रखते हुए गाजियाबाद बॉर्डर पर लगातार सुरक्षा जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा, “हम यह ध्यान रख रहे हैं कि सुरक्षा जांच के दौरान किसी को परेशानी न हो। यहां करीब 100 सिविल पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और पीएसी के जवान तैनात हैं। हम दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के साथ भी समन्वय कर रहे हैं।”
जंतर-मंतर के पास केरल हाउस में पुलिस की मौजूदगी बढ़ी
दिल्ली में जंतर-मंतर के पास स्थित केरल हाउस में पुलिस और मीडिया की भारी मौजूदगी देखी गई। यहां कुछ प्रदर्शनकारी भी मौजूद थे।
प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस का उद्देश्य 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन जैसी स्थिति दोबारा पैदा होने से रोकना है।
पुलिसकर्मियों को लाठी-बैटन रखने की अनुमति
INDIA गठबंधन के विरोध प्रदर्शन के दौरान किए गए इंतजामों के मुकाबले इस बार पुलिस टीमों को लाठी और बैटन रखने की अनुमति दी गई है।
पुलिसकर्मियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे प्रदर्शनकारियों के साथ मौखिक विवाद से बचें। बताया गया है कि पुलिस की छवि नकारात्मक रूप में पेश करने के उद्देश्य से वीडियो रिकॉर्ड कर उन्हें प्रसारित करने की कथित कोशिशों को देखते हुए यह निर्देश दिया गया है।