Gandhi Jayanti: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने 1929 में उत्तर प्रदेश के औरैया के इस स्कूल में सिर्फ एक रात बिताई थी, बापू की उस यात्रा की यादें तब से ही इस विद्यालय के परिसर में बसी हुई हैं। औरैया के तिलक इंटर कॉलेज के जिस कमरे में गांधी जी रुके थे, उसे आज भी संरक्षित रखा गया है। साथ ही अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने जो पेड़ यहां लगाया था, वो आज भी मौजूद है।
महात्मा गांधी आजादी की लड़ाई के दौरान 23 नवंबर, 1929 को औरैया आए थे। तिलक इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य अजय कुमार दीक्षित ने बताया कि “23 नवंबर, 1929 में वह यहां पर आजादी की लड़ाई के दौरान इस जनपद नगर में आए थे और इसी विद्यालय के प्रांगण में ठहरे हुए थे, यह कक्ष है उनका। उसी समय ये वृक्ष लगाया था, काफी ऐतिहासिक वृक्ष है। औरैया के लिए एक धरोहर है, जिसको हम लोग सुरक्षित किए हुए हैं।”
महात्मा गांधी ने जिस कमरे में रात्रि विश्राम किया था, वहां पर उनसे जुड़ी सभी किताबें सुरक्षित रखी हुई हैं। इसे एक विरासत स्थल के रूप में संरक्षित किया गया है।
कृष्ण प्रताप सिंह, प्रवक्ता, तिलक इंटर कॉलेज “यहां पर वह रुके भी थे और यहां से पूरी रणनीति भी बनाई गई थी, जैसा कि ज्ञात हुआ है। उनका साहित्य भी है, उनका कक्ष भी सुरक्षित है। जिस स्थान पर वह रुके हुए थे वहां उनकी धरोहर साहित्य के रूप में आज भी संरक्षित है, बच्चे उन्हें पढ़ते हैं, हम लोग पढ़ते हैं, यहां बैठते हैं तो बहुत सुखद अनुभूति होती है।” औरैया के लोगों के लिए ये विद्यालय खास महत्व रखता है, क्योंकि इसका जुड़ाव महात्मा गांधी और ब्रिटिश शासन के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम से है।