Gandhi Jayanti: गांधी जयंती दो अक्टूबर को है, इस मौके पर देश भर में खरीदारों का रुख खादी स्टोर की ओर हो रहा है। सदाबहार मानी जाने वाली खादी की खासियत सादगी और आराम रही है। गांधी जयंती की बयार देश भर में बह रही है। इनका एहसास खादी स्टोर पर भी होता है, जहां खरीदारों का हुजूम अपनी पसंद के कपड़े चुनने में व्यस्त है। खादी देश के स्वाधीनता संग्राम और महात्मा गांधी से भी जुड़ा रहा है।
फैशन के बदलते दौर में तरह-तरह के कपड़ों की भरमार है। लेकिन खादी के मुरीद अपनी पसंद को ही तरजीह देते हैं। कई खादी प्रेमी इसे सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि परंपराओं से जोड़ने वाली कड़ी मानते हैं।
उनके लिए, खादी से परंपरा और अपनेपन का एहसास होता है। खादी का महात्मा गांधी से जुड़ाव इसके लिए उनके मन में खास जगह बनाता है।
आजादी की लड़ाई के प्रतीक से लेकर आधुनिक ट्रेंड के कपड़ों तक, हर दौर में खादी की खास रही है। खादी हर पीढ़ी के लिए प्रासंगिक है।