Mahatma Gandhi: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में जारी युद्ध और संघर्ष के बीच महात्मा गांधी का शांति और अहिंसा का संदेश आज और भी प्रासंगिक हो गया है। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बापू का जीवन सत्य, अहिंसा, करुणा और सेवा का ऐसा प्रकाशस्तंभ है, जो हर युग में मानवता का मार्गदर्शन करता रहेगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी की समाधि पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया। गांधी जयंती के अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि वह देश के सभी नागरिकों की ओर से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धापूर्वक नमन करती हैं। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन और उनके आदर्श पूरी दुनिया में सम्मानित किए जाते हैं। आज विश्व के कई हिस्सों में युद्ध और संघर्ष का माहौल है, जिसका असर सभी देशों पर पड़ रहा है। ऐसे समय में गांधीजी का शांति और अहिंसा का संदेश और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत 2047 तक विकसित भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में संवेदना तथा समावेशिता को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह दृष्टिकोण गांधीजी के ‘सर्वोदय’ के आदर्श से जुड़ा है, जिसका आधार सभी के कल्याण और उत्थान में है। उन्होंने गांधी जयंती के अवसर पर लोगों से नैतिक आचरण और सक्रिय भागीदारी के जरिए एक सशक्त, विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प को दोहराने का आह्वान किया।
पीएम मोदी ने बापू को किया नमन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि बापू का पूरा जीवन सत्य, अहिंसा, करुणा और सेवा का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि गांधीजी के ये आदर्श हर युग में मानवता का मार्गदर्शन करते रहेंगे। प्रधानमंत्री ने भगवद्गीता के श्लोक को भी साझा किया और कहा कि बापू का कालजयी संदेश बेहतर समाज और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में मार्गदर्शन करता रहे।
एक अन्य वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि 2 अक्टूबर हर भारतीय के लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के विचारों ने पूरी दुनिया को प्रेरित किया है। गांधीजी राजनीतिक सत्ता से दूर रहते हुए भी करोड़ों लोगों के दिलों में आज तक बसे हुए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि जब तक मानवता के साथ गांधीजी के विचारों की धारा बहती रहेगी, तब तक उनके विचार प्रासंगिक बने रहेंगे। उन्होंने स्वदेशी और खादी पर गांधीजी के जोर को याद करते हुए लोगों से 2 अक्टूबर को कम से कम एक खादी उत्पाद खरीदने और गर्व से ‘यह स्वदेशी है’ कहने का आग्रह किया।
लाल बहादुर शास्त्री की सादगी और समर्पण को किया याद
प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि शास्त्रीजी की सादगी और राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण आज भी प्रेरणादायी है। पीएम मोदी ने ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे को याद करते हुए कहा कि शास्त्रीजी ने देश के सैनिकों और किसानों को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने शास्त्रीजी को विनम्र लेकिन दृढ़ व्यक्तित्व वाला नेता बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में अपने संक्षिप्त कार्यकाल के दौरान उन्होंने निस्वार्थ भाव से राष्ट्र की सेवा की। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी विजय घाट पहुंचकर लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी।
राजघाट पर कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत कई नेताओं ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। राजस्थान के जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान सचिवालय में महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की और लाल बहादुर शास्त्री को भी श्रद्धांजलि दी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने गांधी जयंती के अवसर पर नई दिल्ली में कर्तव्य भवन-1 के पास श्रमदान में हिस्सा लिया। हरियाणा के गुरुग्राम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वच्छ भारत अभियान में भाग लिया और लोगों से शहर को स्वच्छ रखने की अपील की। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में गांधी जयंती के अवसर पर ‘स्वच्छाथॉन 2026’ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत आयोजित हुआ।
पुरी में रेत कला के जरिए गांधीजी को श्रद्धांजलि
ओडिशा के पुरी में पद्मश्री सुदर्शन पटनायक के सैंड आर्ट इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों ने गांधी जयंती के अवसर पर रेत से विशेष कलाकृति और सैंड एनीमेशन तैयार किया। एक छात्र के अनुसार, इस कलाकृति को तैयार करने में करीब 30 मिनट का समय लगा।
2 अक्टूबर को मनाई जाती है गांधी जयंती
महात्मा गांधी, जिन्हें मोहनदास करमचंद गांधी के नाम से भी जाना जाता है, का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। भारत में हर वर्ष 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र भी इस दिन को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाता है। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ था। उन्होंने 1964 से 1966 तक भारत के प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा की।