UP News: नवरात्रि के त्योहार के दौरान पूरे उत्तर प्रदेश में मांस की बिक्री और जानवरों को खुलेआम काटने पर रोक लगाने की मांग की गई है। श्री कृष्ण जन्मभूमि से जुड़े संत फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इस दौरान मांस की बिक्री पर रोक लगाने का आग्रह किया है।
मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में फलाहारी महाराज ने कहा कि नवरात्रि सनातनी हिंदुओं के लिए एक अत्यंत पवित्र त्योहार है। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं देवी भगवती की पूजा करने और व्रत रखने के लिए मंदिरों में जाती हैं। ऐसे पवित्र माहौल में मांस की बिक्री और बेजुबान जानवरों को काटना धार्मिक भावनाओं को आहत करता है।
उन्होंने कहा कि कई जगहों पर मांस की दुकानों के बाहर बकरियों और भैंसों को खुलेआम बांधा या लटकाया जाता है। इससे शाकाहारी लोगों और व्रत रखने वालों को ऐसे अप्रिय माहौल से गुजरना पड़ता है। ऐसी गतिविधियों पर रोक लगनी चाहिए, खासकर नवरात्रि के दौरान धार्मिक स्थलों और मंदिरों के आसपास।
फलाहारी महाराज ने कहा कि ब्रजभूमि भगवान श्री कृष्ण की पवित्र भूमि है, जहां भगवान ने माखन चोरी, रासलीला और महारास जैसी दिव्य लीलाएं की थीं।ऐसे धार्मिक क्षेत्र में सात्विक (शुद्ध) और पवित्र माहौल बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हिंदुओं के लिए गर्व का स्रोत बताते हुए संत ने उनसे अपील की कि वे नवरात्रि के दौरान राज्य में मांस की बिक्री और जानवरों को काटने पर रोक लगाने के लिए जरूरी निर्देश जारी करें। उन्होंने कहा कि इससे न केवल धार्मिक भावनाओं का सम्मान होगा, बल्कि बेजुबान जीवों के प्रति करुणा और अहिंसा का संदेश भी जाएगा।