BRICS 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच ब्रिक्स देशों को वैश्विक नवाचार और समाधान के महत्वपूर्ण केंद्रों के रूप में रेखांकित किया। ब्रिक्स बिजनेस फोरम के नेताओं के सत्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज ब्रिक्स देश दुनिया की 50 प्रतिशत आबादी, 40 प्रतिशत वैश्विक जीडीपी और 25 प्रतिशत से अधिक वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि जहां इन वर्षों में वैश्विक जीडीपी लगभग ढाई गुना बढ़ी है, वहीं ब्रिक्स देशों की संयुक्त जीडीपी करीब साढ़े चार गुना बढ़ी है। यानी ब्रिक्स की आर्थिक ताकत दुनिया के बाकी हिस्सों की तुलना में लगभग दोगुनी गति से बढ़ी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्रिक्स देश वैश्विक नवाचार और समाधान के प्रमुख केंद्रों के रूप में भी उभर रहे हैं। जमीनी स्तर की पहलों से लेकर अत्याधुनिक तकनीकों तक, नवाचार की नई संभावनाएं ब्रिक्स देशों में आकार ले रही हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की बढ़ती गति, व्यापकता और आशावाद स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। भारत में आयोजित यह मंच अब तक का सबसे बड़ा ब्रिक्स बिजनेस फोरम है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने आर्थिक और व्यापार नीतियों के लिए लचीलापन और नवाचार को आधार बनाया है। उन्होंने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’ है। पिछले 12 वर्षों में भारत ने इसी मंत्र को अपनी आर्थिक और व्यापार नीतियों की नींव बनाया है।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा से लेकर तकनीक तक विभिन्न क्षेत्रों में आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक विविध और विश्वसनीय बनाया गया है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच इसी लचीलेपन के कारण आज भारत विकास और स्थिरता का भरोसा देता है। देश में सड़कों, रेलवे, बंदरगाहों और हवाई अड्डों का तेजी से विस्तार हो रहा है। साथ ही जहाज निर्माण, सेमीकंडक्टर, क्वांटम तकनीक, महत्वपूर्ण खनिज और जैव प्रौद्योगिकी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में नई क्षमताएं विकसित की जा रही हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने वित्तीय समावेशन और बड़े पैमाने पर डिजिटल लेनदेन को नई गति दी है। आज दुनिया के करीब 50 प्रतिशत रियल-टाइम भुगतान इसी तकनीक के जरिए होते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत विकास और स्थिरता के लिए भरोसे का स्रोत बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि जहां दुनिया में व्यापार बाधाएं बढ़ रही हैं, वहीं भारत आर्थिक सेतु बना रहा है। वर्ष 2014 से भारत ने करीब 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं।
उन्होंने कहा कि भारत का दृष्टिकोण व्यापारिक बाधाओं को कम करने और कारोबार के लिए अवसरों का विस्तार करने पर केंद्रित है। इसी वजह से भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान कृषि, स्वास्थ्य, कौशल और स्मार्ट ग्रिड जैसे क्षेत्रों में नए सहयोग नेटवर्क स्थापित किए गए हैं।
स्टार्टअप और एमएसएमई को बाजार तथा वित्त से जोड़ने के लिए ब्रिक्स इनक्यूबेटर नेटवर्क, ब्रिक्स एमएसएमई पोर्टल और ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड जैसी पहल शुरू की गई हैं। पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स देश इन सहयोग ढांचों का लाभ उठाकर निवेश और प्रतिभाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा दे सकते हैं।
भारत 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। भारत की अध्यक्षता ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’ की थीम पर केंद्रित है। यह थीम मौजूदा उपलब्धियों और संस्थागत प्रभावशीलता को मजबूत करने के साथ-साथ विकास, स्थिरता और नवाचार को एजेंडे के केंद्र में रखती है। इसके साथ ही वैश्विक दक्षिण की आकांक्षाओं को भी प्राथमिकता दी गई है। भारत ब्रिक्स को एक रचनात्मक और समाधान-केंद्रित मंच के रूप में और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।