Pakistan: उत्तराखंड स्थित हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा के लिए वीजा हासिल करने वाले 90 से अधिक पाकिस्तानी सिखों को शुक्रवार को आव्रजन अधिकारियों ने उड़ान में सवार होने से रोक दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि महिलाओं और बच्चों समेत 92 पाकिस्तानी सिख एक उड़ान में सवार होने के लिए फैसलाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे थे। ये हवाई अड्डा लाहौर से करीब 150 किलोमीटर दूर है।
उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने सिख श्रद्धालुओं को खाड़ी देश होकर भारत जाने वाली उड़ान में सवार होने से रोक दिया, क्योंकि उनके पास वापसी का टिकट और संघीय सरकार से जारी अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) नहीं था। उन्होंने कहा, ‘‘आव्रजन अधिकारियों ने सिख श्रद्धालुओं से संघीय सरकार से जारी एनओसी और वापसी का टिकट पेश करने को कहा। इसके बाद ही उन्हें अपने गंतव्य के लिए आगे जाने की अनुमति दी जाएगी।’’
फिलहाल पाकिस्तान और भारत के बीच हवाई, रेल या सड़क मार्ग से कोई सीधा संपर्क नहीं है। संघीय सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि संबंधित सिखों ने अपने स्तर पर दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के माध्यम से भारतीय वीजा की व्यवस्था की थी, अधिकारी ने कहा कि उन्हें यात्रा के लिए पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के साथ समन्वय करना चाहिए था और भारत में प्रवेश के लिए वाघा सीमा का रास्ता अपनाना चाहिए था।
अधिकारी ने कहा कि संभावना है कि श्रद्धालुओं को वाघा सीमा के रास्ते तीर्थयात्रा के लिए जाने की अनुमति दी जा सकती है। व्यापक रूप से ऑनलाइन साझा किए जा रहे एक वीडियो में फैसलाबाद हवाई अड्डे पर एक पाकिस्तानी सिख को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि आव्रजन अधिकारियों ने उन्हें भारत जाने से रोक दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम पिछले चार घंटे से फैसलाबाद हवाई अड्डे पर परेशान बैठे हैं…किसी को इस मामले का संज्ञान लेकर तीर्थयात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचने में मदद करनी चाहिए।’’ कई और सिख परिवारों को भी हवाई अड्डे परिसर में इंतजार करते हुए देखा गया।