Congress: केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के भाजपा नीत केंद्र सरकार पर लगाए गए आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जनता तीन बार अपना फैसला सुना चुकी है कि किसने बेहतर काम किया और किसने नहीं।
जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “लोगों ने तीन बार तय किया है कि किसने अच्छा काम किया और किसने नहीं। आज स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मैं तुलना नहीं करना चाहता, लेकिन जनादेश खुद बताता है कि किसने क्या काम किया है।”
दरअसल, भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मौलिक अधिकारों को सुनिश्चित करने में विफल रही है, संसद के प्रति जवाबदेही से बच रही है और गरीबों को “कुचलते हुए” विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा दे रही है।
तिरंगा फहराने के बाद कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की मौजूदगी में खड़गे ने मौजूदा सरकार के रिकॉर्ड की तुलना पिछली कांग्रेस सरकारों के राष्ट्र निर्माण के योगदान से की।
खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से दिए गए स्वतंत्रता दिवस संबोधन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सरकार के विकास और बदलाव के दावों को चुनौती देते हुए कहा कि अधिकार आधारित कई महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाओं की नींव संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के कार्यकाल में रखी गई थी।
खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री लाल किले से हर उपलब्धि का श्रेय लेते हैं। उन्होंने अधिकार आधारित शासन को संस्थागत रूप देने में सोनिया गांधी की भूमिका की सराहना करते हुए यूपीए सरकार को भोजन के अधिकार, शिक्षा के अधिकार और मनरेगा के तहत काम के अधिकार जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों का श्रेय दिया।
उन्होंने कहा कि इन अधिकारों को लागू करने में सोनिया गांधी का महत्वपूर्ण योगदान रहा और गरीबों को मिले इन अधिकारों को उनकी देन के रूप में याद रखा जाना चाहिए।