India-Israel: भारत-इजराइल के पहले हैकाथॉन में युवाओं ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

India-Israel: इजराइल में ‘‘सुधारात्मक स्वास्थ्य सेवा’’ विषय पर आयोजित पहले भारत-इजराइल हैकाथॉन को युवा नवोन्मेषकों की शानदार प्रतिक्रिया मिली है। इसमें प्रतिभागी स्वास्थ्य सेवा और पुनर्वास क्षेत्र की चुनौतियों के समाधान के लिए तकनीक आधारित उपाय विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

इजराइल में भारत के राजदूत जे.पी. सिंह ने इस सप्ताह हैकाथॉन के विजेताओं को सम्मानित किया।इजराइल में विजेता घोषित किए गए समाधानों में एक ऐसा उपकरण भी शामिल है, जो व्हीलचेयर पर लगाया जा सकता है और अंगों की गतिविधि को सुगम बनाता है। ये उपकरण व्हीलचेयर के आगे वाले पहिये के स्वाभाविक घूमने की गति का इस्तेमाल करता है और बिजली के उपयोग के बिना व्हीलचेयर पर बैठे व्यक्ति के पैरों की नियंत्रित गतिविधि में मदद करता है।

इस समाधान का मकसद अंगों की हरकत में मदद करने और पुनर्वास के लिए एक आसान और सुलभ तरीका उपलब्ध कराना है।भारत में चुने गए सफल समाधानों में एक ऐसा उपकरण भी शामिल है जो वास्तविक समय के वीडियो प्रसंस्करण और स्वचालित गतिविधि विश्लेषण का उपयोग कर घायल मरीजों के अंगों की गतिविधियों का आकलन करता है।

भारतीय दूतावास ने बताया कि इजराइल में भारतीय यहूदी समुदाय के सदस्य ओरी कडविल ने इस हैकाथॉन की पहल की थी, जबकि समुदाय के अन्य सदस्यों ने इसके आयोजन में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया।दूतावास ने एक बयान में कहा, ‘‘इस पहल ने समुदाय को भारत और इजराइल के लोगों के बीच आपसी संबंध मजबूत करने का एक मंच प्रदान किया। साथ ही, इसने युवा छात्रों की रचनात्मकता और तकनीकी कौशल का इस्तेमाल करके ऐसे समाधान खोजने का मौका दिया, जिनका समाज पर व्यापक असर हो।’’

हैकाथॉन के लिए समस्याओं का चयन दोनों देशों के अस्पतालों, स्टार्ट-अप और विश्वविद्यालयों से लिया गया था। इजराइल की तरफ से चार समस्याएं चुनी गईं, जबकि भारत की तरफ से 10 समस्याओं को देखा गया। इसमें भारत में थापर यूनिवर्सिटी नोडल साझेदार थी।दूतावास के अनुसार, इस हैकाथॉन में दोनों देशों के 1300 छात्र और अन्य लोग शामिल हुए और 14 तरह की समस्याओं के समाधान के विषय पर चर्चा हुई।

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