FCRA: विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम यानी FCRA संशोधन विधेयक को लेकर लोकसभा में तीखी बहस देखने को मिली। समाजवादी पार्टी के प्रमुख और लोकसभा सांसद अखिलेश यादव ने दावा किया कि पूरा विपक्ष FCRA विधेयक के खिलाफ है और आरोप लगाया कि यह विधेयक अल्पसंख्यकों के अधिकारों के खिलाफ है।
अखिलेश यादव के इस दावे पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री और भाजपा सांसद किरेन रिजिजू ने पलटवार किया। रिजिजू ने उनके आरोपों को खारिज करते हुए अखिलेश यादव को अपना दावा साबित करने की चुनौती दी। बहस के दौरान सदन में हंगामे की स्थिति भी बनी। इसके बाद विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) संशोधन विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेज दिया गया।
बता दें कि FCRA देश में व्यक्तियों, संगठनों और संस्थाओं द्वारा प्राप्त विदेशी अंशदान के स्वीकार और उसके उपयोग को नियंत्रित करता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेशी स्रोतों से प्राप्त धन का इस्तेमाल उन्हीं निर्धारित उद्देश्यों के लिए किया जाए, जिनके लिए उसे प्राप्त किया गया है।
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— Tikhee Mirchi (@tikhee_mirchi) August 12, 2026