Delhi news: दिल्ली विधानसभा में बीजेपी और आम आदमी पार्टी के सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई, ये बहस विपक्ष के विधायकों के इस दावे पर शुरू हुई कि मानसून सत्र के दौरान ‘प्रश्नकाल’ के लिए वक्त नहीं दिया गया। आम आदमी पार्टी के विधायकों, जिनमें पार्टी के चीफ व्हिप संजीव झा और जरनैल सिंह शामिल थे। उन्होंने ये मुद्दा उठाया और सत्ताधारी बीजेपी पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया।
मंत्री प्रवेश वर्मा ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि पिछली आम आदमी पार्टी की सरकार के पांच साल के कार्यकाल में विधानसभा की 74 बैठकों के दौरान केवल नौ बार प्रश्नकाल हुआ था और सत्ता में अपने आखिरी साल (2024) में तो एक बार भी प्रश्नकाल नहीं हुआ। उन्होंने कहा, “बेशर्मी की भी एक हद होती है। विपक्ष को इस बात से तकलीफ है कि ये सरकार लोगों के लिए काम कर रही है।”
उन्होंने आम आदमी पार्टी के विधायकों पर तंज कसते हुए कहा कि वे पहले ‘नेता प्रतिपक्ष’ तो को ढूंढकर लाएं। सदन में नेता प्रतिपक्ष आतिशी की गैर-मौजूदगी के कारण सत्र के दौरान नोक-झोंक हुई। बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार ने विपक्ष पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया, जबकि आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार सवालों से बच रही है। बीजेपी मंत्रियों प्रवेश वर्मा और कपिल मिश्रा ने आम आदमी पार्टी पर पलटवार करते हुए प्रश्नकाल को लेकर उनकी “गंभीरता” पर सवाल उठाए।
मंत्री मिश्रा ने कहा कि आतिशी मानसून सत्र के पहले दिन मौजूद नहीं थीं और गोवा में “छुट्टियां मना रही” थीं। उनकी इस टिप्पणी का विपक्षी सदस्यों ने कड़ा विरोध किया। आम आदमी पार्टी के विधायकों ने आरोप लगाया कि सरकार प्रश्नकाल नहीं होने दे रही है और जोर देकर कहा कि विपक्ष को दिल्ली की जनता से जुड़े मुद्दे उठाने की इजाजत मिलनी चाहिए।