Share Market: स्थानीय शेयर बाजारों में आज मिला-जुला रुख रहा, कच्चे तेल के दाम में नरमी और रिलायंस इंडस्ट्रीज तथा आईसीआईसीआई बैंक जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में लिवाली से मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 374 अंक के लाभ में रहा, जबकि एनएसई निफ्टी में मामूली 11 अंक की तेजी रही।
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स कारोबार के दौरान पूरे समय सकारात्मक दायरे में रहा। अंत में यह 373.76 अंक यानी 0.48 प्रतिशत चढ़कर 78,954.76 अंक पर बंद हुआ। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी पूरे दिन सीमित दायरे में कारोबार करता रहा और अंत में 11.35 अंक यानी 0.05 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 24,636 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी ऊंचे में 24,677.05 अंक तक गया और नीचे में 24,604.15 अंक तक आया।
सोमवार से दोनों प्रमुख सूचकांकों के प्रदर्शन में अंतर देखने को मिल रहा है। यह बदलाव उन शेयरों के लिए नई नीलामी व्यवस्था लागू किए जाने के बाद आया है, जिनमें वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) अनुबंध उपलब्ध हैं। इक्विटी नकद खंड में समापन नीलामी सत्र (सीएएस) सोमवार से शुरू हुआ। इसके तहत पात्र शेयरों के समापन मूल्य तय करने के लिए नीलामी आधारित नई व्यवस्था लागू की गई है। इसका उद्देश्य कीमत निर्धारण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाना है।
“मुझे लगता है कि सीएएस का असर अभी भी बना हुआ है। भ्रम थोड़ा कम होता दिख रहा है, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। बाजार में भी थोड़ा ठहराव था। खैर, हैरानी की बात है कि सेंसेक्स करीब 370 अंक ऊपर बंद हुआ। यह निफ्टी के प्रदर्शन से काफी अलग था। सेबी ने भरोसा दिलाया है कि ब्रोकर्स और एक्सचेंज के बीच ट्रेनिंग और भ्रम दूर करने को लेकर बैठक हुई थी, लेकिन उसका असर अभी भी दिख रहा है।
बाजार विशेषज्ञ शरद कोहली ने कहा, “सेंसेक्स और निफ्टी के बीच तालमेल अभी भी नहीं दिख रहा है, कम से कम आज की स्थिति में तो नहीं। वैश्विक कारक और उनसे जुड़ी अनिश्चितताएं अभी भी बनी हुई हैं। ऐसी उम्मीद है कि ओमान और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से कुछ खास जहाजों को गुजरने देने को लेकर कोई समझौता हो सकता है।”
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज में सबसे अधिक 3.43 प्रतिशत की तेजी रही, जो ब्लू-चिप कंपनियों में सबसे ज्यादा थी। इसके अलावा, भारतीय स्टेट बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, आईसीआईसीआई बैंक, इटर्नल और टाइटन भी बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे। दूसरी तरफ, नुकसान में रहने वाले शेयरों में पावर ग्रिड, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंटरग्लोब एविएशन और महिंद्रा एंड महिंद्रा शामिल हैं।
सार्वजनिक क्षेत्र की पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के शेयर में 3.99 प्रतिशत की गिरावट आई। कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ जून तिमाही में सालाना आधार पर मामूली गिरावट के साथ 3,598.42 करोड़ रुपये रहा। वैश्विक कच्चा तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.09 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 79.52 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। भारतीय रिजर्व बैंक ने लगातार चौथी बैठक में अपनी मानक नीतिगत ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया और अपने रुख को “तटस्थ” बनाए रखा। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि ब्याज दरों और नीति के रुख पर शीर्ष बैंक का अगला कदम डेटा पर निर्भर करेगा।
छह सदस्यों वाली मौद्रिक नीति समिति ने सर्वसम्मति से नीतिगत रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर ही बनाए रखने का फैसला किया। साथ ही, समिति ने इस बात पर और स्पष्टता का इंतजार करने का फैसला किया कि क्या पश्चिम एशिया संकट के कारण बढ़ी हुई ऊर्जा ऊर्जा लागत से महंगाई का दबाव और बढ़ेगा, सेंट्रल बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी का अनुमान मामूली रूप से बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया, जबकि महंगाई का अनुमान थोड़ा घटाकर पांच फीसदी कर दिया।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी , हांगकांग का हैंगसेंग और जापान का निक्की नुकसान में रहे। वहीं शंघाई का एसएसई कम्पोजिट सूचकांक मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में तेजी रही। जबकि बुधवार को अमेरिकी बाजारों में ज्यादातर गिरावट दर्ज की गई। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 943.42 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिकवाली की। सेंसेक्स 152.05 अंक यानी बढ़कर 78,581 अंक पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 9.75 अंक की हल्की तेजी के साथ 24,624.65 अंक पर रहा था।