Haryana: मुख्यमंत्री सैनी ने युवाओं से किया संवाद, कहा- “परीक्षा की तैयारी किसी तपस्या से कम नहीं”

Haryana: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि युवा सपने देखना कभी बंद न करें। सपने सोते हुए नहीं, बल्कि जागते हुए देखें। उन सपनों को साकार करने के लिए अब केवल आपका हौंसला ही नहीं, बल्कि आपकी अपनी सरकार भी आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। हम किसी भी युवा के सपनों को दबने नहीं देंगे। हरियाणा सरकार युवाओं को पारदर्शी व्यवस्था, समान अवसर और बिना पर्ची-बिना खर्ची की भर्ती प्रणाली के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को सोनीपत में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से संवाद किया। “छात्र संवाद मुख्यमंत्री के साथ” के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के अलग—अलग हिस्सों से भी स्टूडेंट्स लाइव जुड़े थे। इस दौरान आईसीएस सेंटर के संस्थापक परिमल कुमार ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का स्वागत किया।अपने संबोधन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जब वे युवाओं की ओर देखते हैं तो उन्हें विकसित भारत और विकसित हरियाणा का उज्ज्वल भविष्य दिखाई देता है। आज पूरी दुनिया भारत को केवल एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि नई संभावनाओं और विश्व का नेतृत्व करने वाली युवा शक्ति के रूप में देख रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की सबसे युवा आबादी की ताकत के साथ आगे बढ़ रहा है और यही शक्ति विकसित भारत के संकल्प को साकार करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी किसी तपस्या से कम नहीं होती। युवा दिन-रात मेहनत करते हैं, कठिन परिस्थितियों का सामना करते हैं और अनेक सामाजिक दबावों के बीच अपने लक्ष्य के लिए निरंतर प्रयास करते हैं। सरकार उनकी इस मेहनत और संघर्ष का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है। हरियाणा में आज युवाओं को बिना पर्ची और बिना खर्ची के सरकारी नौकरियां मिली हैं। इस व्यवस्था की सराहना स्वयं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसी भी योग्य युवा को नौकरी के लिए सिफारिश या पैसे का सहारा न लेना पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कड़े कानून बनाए गए हैं और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है ताकि मेहनती अभ्यर्थियों का भविष्य सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी हरियाणा लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। बेटियों के लिए विशेष तौर पर कदम उठाये गए है, इसके लिए पोस्ट ग्रेजुएट तक शिक्षा की व्यवस्था सरकारी स्तर पर की गई है। साथ ही प्रदेश में प्रत्येक 20 किलोमीटर पर राजकीय महाविद्यालय स्थापित किए गए हैं। पीएम श्री विद्यालयों का विस्तार किया गया है तथा सीएमईईई के तहत भी खास स्कूलों की व्यवस्था की जा रही।

उन्होंने कहा कि ‘मिशन बुनियाद’ और ‘सुपर-100’ जैसी योजनाओं के माध्यम से सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष तैयारी कराई जा रही है। इन योजनाओं के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की है। सरकार रोजगार के साथ-साथ खेल, कौशल विकास और आधुनिक शिक्षा पर समान रूप से ध्यान दे रही है। हरियाणा के खिलाड़ियों और युवाओं ने राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन किया है, जो राज्य की युवा शक्ति की प्रतिभा का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशे और अफवाहों से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों को कमजोर करता है। युवा अपनी ऊर्जा शिक्षा, कौशल और राष्ट्र निर्माण में लगाएं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में हरियाणा का युवा सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा।

इसके साथ ही कहा कि आज देश में दो विचारधाराएं है। एक विचारधारा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत, पारदर्शी व्यवस्था और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए कार्य कर रही है, जबकि दूसरी विचारधारा केवल विरोध, झूठ फैलाने और युवाओं को गुमराह कर राजनीतिक लाभ लेने में लगी है। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्यों का भी विरोध करना कुछ दलों की राजनीति बन गई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में बिना पर्ची और बिना खर्ची की भर्ती व्यवस्था स्थापित कर युवाओं का विश्वास जीता गया है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार पर जो लोग सवाल उठाते हैं, वे पहले पंजाब में भर्ती परीक्षाओं, पेपर लीक और युवाओं के साथ हुए अन्याय का जवाब दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मनीष सिसोदिया ने जंतर-मंतर से कहा था कि यदि पंजाब में पेपर लीक होगा तो शिक्षा मंत्री इस्तीफा देंगे, लेकिन पेपर लीक होने के बाद न मनीष सिसोदिया बोले, न अरविंद केजरीवाल और न ही राहुल गांधी ने युवाओं के सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन के नेताओं की चुप्पी बताती है कि उनका युवाओं के हित से कोई सरोकार नहीं है।मुख्यमंत्री ने युवाओं से अफवाहों और भ्रामक प्रचार से बचने का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपनी मेहनत, प्रतिभा और क्षमता पर विश्वास रखें। सरकार पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है और प्रत्येक योग्य युवा को बिना भेदभाव, बिना सिफारिश और बिना खर्च के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

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