Uttarakhand: उत्तराखंड में SIR की प्रक्रिया शुरू हुए लगभग तीन महीने हो चुके है। एक तरफ SIR है जिसकी प्रक्रिया तेजी के साथ चल रही, तो दूसरी ओर राज्य निर्वाचन आयोग अब विधानसभा चुनाव की तैयारियों में भी जुट गया है। जिसके चलते हाल ही बिहार से बड़ी मात्रा में ईवीएम मशीन उत्तराखंड पहुंची है। जिसने कही ना कही एक बार प्रदेश में समय से पहले चुनाव होने की आहट को तेज कर दिया है।
उत्तराखंड में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, क्योंकि मौजूदा सरकार का कार्यकाल मार्च 2027 में समाप्त हो रहा है और साल 2027 उत्तराखंड राज्य के लिए बड़ा महत्वपूर्ण होने वाला है, क्योंकि इसी साल में ही कुंभ जैसा बड़ा आयोजन राज्य के भीतर होना है राज्य की प्रसिद्ध नंदा देवी राजजात भी 2027 में ही होनी है … ऐसे में कयास यही लगाए जा रहे हैं कि राज्य के भीतर आगामी विधानसभा के चुनाव समय से पहले यानी 2026 के अंत में होने की संभावना है।
वही राज्य निर्वाचन आयोग ने भी बिहार से नई ईवीएम मशीनें मंगाई है। जिसके तहत बिहार से छह हजार वीवीपैट, 2.5 हजार बैलेट यूनिट व 12500 कंट्रोल यूनिट उत्तराखंड पहुंची है। ऐसे में राज्य निर्वाचन आयोग जिस प्रकार से अपनी तैयारी कर रहा है उससे राजनीतिक दलों को आभास हो चुका है कि विधानसभा के चुनाव पहले हो सकते हैं क्योंकि मतदाता सूची का शुद्धिकरण यानी SIR युद्ध स्तर पर चल रहा है। 8 लाख से ज्यादा मतदाता इस सूची से हट चुके हैं मतदाताओं को निर्वाचन आयोग की तरफ से समय दिया जा रहा है, ताकि जिनके नाम हटे हैं उन्हें पुनः जोड़ा जा सके, लेकिन उसके लिए साक्ष्य के साथ मतदाता को प्रस्तुत होना पड़ेगा।
निर्वाचन आयोग अपनी तरफ से यह कहता हुआ भी नजर आ रहा है कि चुनाव से पहले जो प्रक्रिया होती है उसे प्रक्रिया को पूर्ण करने में 5 से 7 महीने का समय अवश्य लगता है इसलिए युद्ध स्तर पर वह सारी प्रक्रियाएं चल रही है। सियासी दलों में भी जिस प्रकार से BLA को लेकर कार्य कर रहे है उसे उम्मीद है कि उत्तराखंड में समय से पहले विधानसभा के चुनाव हो सकते हैं। हालांकि अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे की माने तो चुनाव को लेकर मुख्य निर्वाचन ही तिथियां तय ओर उनकी घोषणा करता है, लेकिन राज्य में निर्वाचन आयोग अपनी तैयारी की समय से पुख्ता करना चाहता है ..ताकि जब चुनाव की घोषणा हो तो आसानी से चुनाव को सकुशल सम्पन्न कराया जा सके।
वही सरकार की माने तो कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल का कहना है कि चुनाव को लेकर पूरी तैयारी करनी पड़ती है और उसे तैयारी के लिए लगभग आधा साल जरूरी होता है इसलिए इस बार जब भी चुनाव होंगे सरकार भी चुनाव के लिए अपनी तैयारी कर रही है। वही बीजेपी संगठन के मुताबिक चुनाव के लिए पार्टी हर समय तैयार है। प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार का कहना है कि चुनाव की तारीखों का ऐलान मुख्य निर्वाचन आयोग करता है, लेकिन भाजपा हमेशा चुनाव के लिए तैयार रहती है। भाजपा का संगठन और कार्यकर्ता दिन के 24 घंटे और पांचो साल अपनी चुनावी तैयारी को तेज करने में जुटा रहता है और जब भी चुनाव की घोषणा होगी भाजपा की तैयारी पूरी होगी।
उत्तराखंड के लिए साल 2027 बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है क्योंकि मार्च 2027 में मौजूदा सरकार का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा, और इसी साल कुंभ जैसा बड़ा आयोजन और राज्य की प्रसिद्ध नंदा देवी राजजात यात्रा भी आयोजित होनी है। ऐसे में एक बार फिर प्रदेश में समय से पहले चुनाव होने की चर्चाओं ने तूल पकड़ लिया है, क्योंकि राज्य निर्वाचन आयोग ने भी अभी से ही तैयारियां शुरू कर दी है और जिस तरीके से निर्वाचन आयोग चुनावी तैयारियां में जुट हुआ है वह इस बात की और इशारा कर रहा है कि उत्तराखंड में चुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है।