Uttarakhand: उत्तराखंड समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, भारी बारिश होने की संभावना

Uttarakhand:  उत्तराखंड में मानसून की दस्तक की बात करें तो लगातार मानसून सक्रिय हो चुका है, हम बात करें लगातार पहाड़ी जनपदों के साथ-साथ मैदानी जिलों में भी लगातार बाढ़ भूस्खलन से अछूते नहीं है। मौसम वैज्ञानिक निदेशक सीएस तोमर ने जानकारी देते हुए बताया कि आने वाले दिनों में मौसम अपना रूद्र रूप धारण कर सकता है।

उनके मुताबिक आने वाले समय में यानी अगर हम बात करें तो 28 से लेकर 30 जुलाई तक पहाड़ के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है जिसको लेकर मौसम विभाग के तरफ से संबंधित विभागों को आपदा प्रबंधन विभाग जिला प्रशासन को सूचित कर दिया गया है।

उत्तराखंड में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि टिहरी, चमोली, उत्तरकाशी समेत कई अन्य जिलों में येलो अलर्ट है। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई है।

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। पहाड़ों में बारिश के दौरान चट्टानें खिसकने और सड़कें बाधित होने की आशंका बनी हुई है। इसके अलावा नदी-नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग ने लोगों को आंधी-तूफान और तेज हवाओं के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। साथ ही, अनावश्यक यात्रा से बचने और विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है। इधर, देहरादून में शाम के समय हुई बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया।

बारिश से जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली, वहीं कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिल सकती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों को गंभीरता से लें। खराब मौसम के दौरान नदी-नालों, गदेरों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के पास जाने से बचें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *