Kanwar Yatra: श्रावण मास की शुरुआत से पहले सहारनपुर का कांवड़ बाजार पूरी तरह भगवामय हो गया है। कांवड़ यात्रा की तैयारियों के बीच भगवा ड्रेस, AI जनरेटेड टी-शर्ट और धार्मिक थीम वाले परिधानों की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। खास बात यह है कि इन ड्रेसों को तैयार करने में मुस्लिम कारीगर भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं, जो सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश कर रहे हैं।
30 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावण मास और 11 अगस्त की शिवरात्रि को देखते हुए सहारनपुर के बाजारों में जबरदस्त रौनक है। यहां बड़ी संख्या में मुस्लिम कारीगर दिन-रात कांवड़ यात्रियों के लिए भगवा टी-शर्ट, बच्चों के सूट, निकर और अन्य परिधान तैयार कर रहे हैं। इन पर महादेव, महाकाल और अन्य धार्मिक डिजाइनों की प्रिंटिंग की जा रही है। कारीगरों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से यह काम कर रहे हैं और इसे केवल रोज़गार नहीं बल्कि आपसी भाईचारे की मिसाल मानते हैं।
सहारनपुर से तैयार होने वाली ये ड्रेस आगरा, मेरठ, मुजफ्फरनगर, दिल्ली, फिरोजाबाद, हिसार, सिरसा सहित कई राज्यों के बाजारों में भेजी जा रही हैं। इस बार एआई जनरेटेड डिजाइनों वाली टी-शर्ट, प्रेमानंद महाराज के चित्र और संदेशों वाले परिधान, महादेव-थीम और गौ माता आधारित टी-शर्ट की मांग भी तेजी से बढ़ी है। 30 से 100 रुपये तक की रेंज में उपलब्ध ये परिधान श्रद्धालुओं की पहली पसंद बने हुए हैं।
व्यापारियों का अनुमान है कि इस बार कांवड़ ड्रेस और संबंधित सामान का कारोबार 150 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर सकता है। बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से बड़े ऑर्डर मिल रहे हैं। बढ़ती मांग के कारण निर्माता अतिरिक्त शिफ्ट में काम कर रहे हैं। आस्था, रोजगार और गंगा-जमुनी तहज़ीब का यह अनूठा संगम सहारनपुर को कांवड़ यात्रा की तैयारियों का एक अहम केंद्र बना रहा है।
श्रावण मास की शुरुआत से पहले सहारनपुर के बाजारों में कांवड़ यात्रा की तैयारियों की ज़बरदस्त रौनक देखने को मिल रही है… इस बार भगवा ड्रेसेज़ और कांवड़ सामग्री का कारोबार 150 करोड़ रुपये के पार पहुंचने का अनुमान जताया जा रहा है… देश के कई राज्यों से मिल रहे भारी ऑर्डर्स के बीच मुस्लिम कारीगर भक्ति भाव और आपसी सौहार्द के साथ ये ड्रेसेज़ तैयार कर रहे हैं… बाजार में प्रेमानंद जी महाराज, गौ रक्षक और एआई जनरेटेड डिज़ाइनों वाली टी-शर्ट्स की खासा मांग बनी हुई है… यह पावन यात्रा भक्ति, त्याग और तपस्या के साथ-साथ सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल पेश कर रही है… कारोबारियों के मुताबिक इस बार नई डिमांड के चलते आपूर्ति पूरी करना भी मुश्किल साबित हो रहा है…