CJP: अभिजीत दिपके ने सोनम वांगचुक से उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच लंबी भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की और साथ ही यह भी कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन तब तक जारी रहेंगे जब तक उनकी मूल मांगें पूरी नहीं हो जातीं। अभिजीत दिपके ने X पर एक पोस्ट में कार्यकर्ता के स्वास्थ्य को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा, “हम @Wangchuk66 से अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने का अनुरोध करते हैं। देश को उनकी जरूरत है और उनका जीवन इतना अनमोल है कि उसे और जोखिम में नहीं डाला जा सकता। जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।”
सीजेपी कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने इस बात पर जोर दिया कि भूख हड़ताल की स्थिति चाहे जो भी हो, जवाबदेही के लिए संघर्ष नहीं रुकेगा।
उन्होंने कहा “आज सोनम सर की भूख हड़ताल का 25वां दिन है। 25 दिन बिना भोजन के, इसलिए उनके जीवन को गंभीर खतरा है। मैं नहीं चाहता कि सोनम सर को कुछ भी हो, इसलिए मैं उनसे अनुरोध करता हूं कि वे अपनी भूख हड़ताल तोड़ दें। और हम यह विरोध जारी रखेंगे। मैं यह आश्वासन देता हूं कि भले ही सोनम सर अपनी भूख हड़ताल तोड़ दें, हम अपना विरोध जारी रखेंगे और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक पीछे नहीं हटेंगे। और इसके साथ ही, मैं कहना चाहता हूं कि हमारा विरोध शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा। मैं अपने सभी समर्थकों से शांतिपूर्ण ढंग से विरोध जारी रखने की अपील करता हूं,” ।
अभिजीत दिपके ने कहा, “हम ऐसा कुछ भी गलत नहीं करेंगे जिससे हमारे विरोध प्रदर्शन या हमारे देश की बदनामी हो। हमारा विरोध प्रदर्शन महात्मा गांधी और डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के मार्ग पर चलेगा और शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा। इसलिए मैं एक बार फिर सोनम सर से अपनी भूख हड़ताल तोड़ने का अनुरोध करता हूं, और हमारा विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते।”
We request @Wangchuk66 sir to end his hunger strike. The country needs him, and his life is far too precious to be put at further risk.
The peaceful protest at Jantar Mantar will continue until our demands are met. pic.twitter.com/rCfygpuCH6
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 22, 2026
इस बीच दिल्ली उच्च न्यायालय में जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल के दौरान पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच की मांग करने वाली और नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के संवैधानिक अधिकार की रक्षा के लिए निर्देश देने वाली जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई होनी है। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई करेगी।