Parliament Monsoon Session: देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार, मॉनसून सत्र पर बोले पीएम मोदी

Parliament Monsoon Session:  संसद का मानसून सत्र आज से शुरू होने वाला है। राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह वंदे मातरम से जुड़ा विधेयक पेश करें।

संसद के मानसून सत्र में सरकार ने सात महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी की है। विपक्षी दलों ने अयोध्या के राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शैक्षणिक सुधार को लेकर सोनम वांगचुक के आंदोलन और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों पर नाराजगी जताकर सरकार को घेरने की रणनीति साफ कर चुका है। 13 अगस्त तक चलने वाले मानसून सत्र की शुरुआत से एक दिन पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में सरकार ने विभिन्न महत्वपूर्ण विधेयकों को सकारात्मक चर्चा के बाद पारित कराने के लिए सभी दलों का सहयोग मांगा

मानसून सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद भवन पहुंचे। उन्होंने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा, मानसून हो या मानसून सत्र हो, अगर दोनों प्रो-एक्टिव हों तो बहुत ही प्रोडक्टिव (उत्पादक) होते हैं। इससे देश का कल्याण होता है। इसलिए हम यही प्रार्थना करते हैं कि मानसून और मानसून सत्र उत्पादक रहे।

पीएम मोदी ने कहा, पिछ्ले वर्ष मानसून सत्र से ठीक पहले भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर पहुंचा था। और परसो ही भारत के एक युवा स्टार्टअप ने बहुत बड़ी सिद्धि प्राप्त की है। पीएम मोदी ने कहा, ये संयोग नहीं, बल्कि एक संदेश है और बड़ा मजबूत संदेश है कि हमारे देश के युवाओं की क्षमता और उनकी आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम हैं।

मोदी ने कहा, लगातार कहीं न कहीं युद्ध की स्थिति बनती है। पश्चिम एशिया में युद्ध भारत में भी एक संकट का बहुत बड़ा कारण था। इससे हर विषय में अनेक बाधाएं आई थीं। इसके बाद भी भारत 7.7% की ग्रोथ से आगे बढ़ा… यह भारत के सामर्थ्य का परिचय है।

पीएम मोदी ने कहा, रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार होकर आज देश चल पड़ा है। उसी का नतीजा है कि भारत के नौजवान इतना बड़ा साहस कर पाते हैं और सफल भी हो रहे हैं।

कौन से विधेयक पेश करेगी सरकार-

संसद के मौजूदा मानसून सत्र में पांच नए विधेयक पेश करने की तैयारी, अमित शाह वंदे मातरम से जुड़ा बिल पेश करेंगे। इसके अलावा आयकर (संशोधन) विधेयक सरकारी अध्यादेश की जगह लेने के लिए लाया जा रहा। मकसद विदेशी निवेशकों को सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश के लिए प्रोत्साहित करना व सरकारी कर्ज बाजार को मजबूत करना है। अन्य विधेयकों पर एक नजर

  • सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक: जजों की संख्या बढ़ाने से जुड़े अध्यादेश को स्थायी कानून में बदला जा सकेगा।
  • राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक: वंदे मातरम का अपमान करने वालों के खिलाफ कड़े कानूनी और दंडात्मक प्रावधान वाला बिल है। गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में इसे पेश करेंगे।
  • सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास संशोधन विधेयक: इसका उद्देश्य भुगतान में देरी के विवादों का तेजी से निपटारा करना है।
  • जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) बिल: इसका मकसद कानून बनाकर नागरिकों के जन्म और मृत्यु के रिकॉर्ड को डिजिटल और केंद्रीकृत करना है।

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