Jagannath Rath Yatra: ओडिशा के पुरी में आज सुबह 6 बजे से मंगला आरती के साथ भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा की शुरुआत हो गई है। दुनियाभर में लोकप्रिय इस यात्रा को देखने के लिए देश-विदेश से सैलानी पहुंच रहे हैं। हिंदू धर्म में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा को बहुत ही विशेष और पवित्र माना जाता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि को पुरी में भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा संग अपने-अपने रथों पर सवार होकर नगर का भ्रमण करते हुए गुंडीचा मंदिर की ओर प्रस्थान करते हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री मोदी समेत देश के कई नेताओं ने भक्तों को रथयात्रा की शुभकामनाएं दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान जगन्नाथ की पावन रथ यात्रा के शुभ अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह भारत की सनातन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की अद्वितीय अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि रथ यात्रा से जुड़ी परंपराओं ने भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है। यह महापर्व विनम्रता, सामूहिक सहभागिता और निस्वार्थ सेवा की भावना का जीवंत प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना की कि वे सभी लोगों को उत्तम स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करें। साथ ही उन्होंने कामना की कि भगवान सभी को अपने हर प्रयास में सफलता के लिए शक्ति दें और समाज में एकता, सद्भाव तथा भाईचारे की भावना को और मजबूत करें।
रथयात्रा के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मी ने एक्स पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने लिखा कि महाप्रभु की रथयात्रा के पावन अवसर पर मैं देश-विदेश में श्रीजगन्नाथ के सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं। लोकमान्यता है कि इस पवित्र यात्रा की महान परंपरा के दौरान चक्रराज सुदर्शन, बड़े भाई बलभद्र तथा बहन सुभद्रा सहित महाप्रभु श्रीजगन्नाथ भक्तों से मिलते हैं। भक्तों और भगवान के मिलन का यह भावपूर्ण अवसर अद्वितीय होता है। मेरी प्रार्थना है कि महाप्रभु श्रीजगन्नाथ की कृपा से हमारे देश और देशवासियों की सुख-समृद्धि में निरंतर वृद्धि होती रहे। जय जगन्नाथ!