Dehradun: राहुल गांधी के 17 जुलाई को प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के स्थल को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। आयोजन स्थल को लेकर कांग्रेस और प्रशासन के बीच टकराव जैसी स्थिति बन गई है। कांग्रेस परेड ग्राउंड में कार्यक्रम कराने पर अड़ी है, जबकि प्रशासन ने वहां चल रहे केंद्र सरकार के कार्यक्रम की अवधि बढ़ने का हवाला देते हुए फिलहाल मैदान उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया है। इसे लेकर कांग्रेसी मुखर हो गए और देर रात परेड ग्राउंड पहुंच गए। कांग्रेस का दावा है कि राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए 10 जुलाई को ही परेड मैदान की अनुमति मिल गई थी।
अब प्रशासन का कहना है कि वह अनुमति शर्तों के अधीन थी और सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय समेत संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र मिलने के बाद ही अंतिम रूप से प्रभावी होनी थी। परेड मैदान में 11 से 15 जुलाई तक केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की ओर से ‘लोक संवर्धन पर्व’ आयोजित किया जा रहा था।
अब इस आयोजन की अवधि 17 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। 16 और 17 जुलाई को राज्यपाल का कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं। ऐसे में 17 जुलाई को राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए परेड मैदान उपलब्ध होने पर संशय गहरा गया था। इससे पहले चार जून को राहुल गांधी के अल्मोड़ा और पौड़ी के प्रस्तावित कार्यक्रम खराब मौसम के कारण नहीं हो पाए थे।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने प्रशासन के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को 10 जुलाई को कार्यक्रम के लिए परेड मैदान की अनुमति मिल चुकी थी, लेकिन बाद में प्रशासन ने रुख बदल दिया। प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं से मध्यरात्रि कांग्रेस भवन में एकत्रित होकर आगे की रणनीति तय करने का आह्वान किया।