Uttarakhand: उत्तराखंड में दो लाख मतदाता ऐसे हैं जिनके माता-पिता नाबालिग हैं। वहीं, 92 हजार मतदाताओं के दादा जवान हैं। ये हम नहीं कह रहे, चुनाव आयोग के एसआईआर के पहले चरण के बाद जो 19.04 लाख मतदाताओं की विसंगतियां पकड़ी गईं, उनमें अजब-गजब तथ्य सामने आए हैं। ऊधमसिंह नगर जिले में रुद्रपुर ऐसी विधानसभा है, जहां 89 प्रतिशत मतदाताओं की विसंगतियां हैं। 42,808 मतदाता ऐसे हैं, जिनका कुछ पता नहीं चल पाया।
ये चौंकाने वाले तथ्य भी आए सामने
2,39,566 ऐसे मतदाता, जिनमें दो बच्चों के बीच नौ माह से कम का अंतर है। इनमें सर्वाधिक हरिद्वार ग्रामीण में 6,187, खानपुर में 6,457, विकासनगर में 3,236 मतदाता हैं। एक ही मुखिया के नाम से दर्ज छह या अधिक मतदाताओं की बड़ी संख्या है। इनमें हरिद्वार की पिरान कलियर विधानसभा में 8,087, लक्सर में 4,799, मंगलौर में 6,964 मतदाता शामिल हैं।
प्रदेशभर में ये ऐसे मतदाता हैं, जिनको चुनाव आयोग मैप ही नहीं कर पाया। इसमें ऊधमसिंह नगर की रुद्रपुर विधानसभा में सर्वाधिक 42,808 मतदाता हैं। दूसरे नंबर पर देहरादून की रायपुर विधानसभा है, जहां के 17,859 मतदाता, फिर विकासनगर में 10,536 मतदाता, जसपुर में 6,222 मतदाता ऐसे हैं, जो कि मैप नहीं हो पाए हैं। प्रदेशभर की बाकी विधानसभाओं में भी ऐसे मतदाता शामिल हैं, अगर नोटिस जारी होने के बाद भी इनका अता-पता न चला तो इनका वोट कट जाएगा।