TMC: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी अंदरूनी घमासान के बीच पार्टी सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने महासचिव अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने हस्ताक्षर जालसाजी (सिग्नेचर फोर्जरी) मामले में अपना वकील बदले जाने को लेकर नाराजगी जताते हुए अभिषेक पर अहंकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
कल्याण बनर्जी ने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के सामने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें अब उनके और अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी में से किसी एक को चुनना होगा। कल्याण बनर्जी ने कहा कि जिस मामले की सुनवाई के लिए वे कई घंटों तक अदालत में मौजूद रहे, उसी मामले में उनकी जानकारी के बिना नया याचिका दायर कर दी गई और दूसरे वकील को नियुक्त कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उन्हें सक्षम नहीं माना जा रहा था तो पहले ही बता दिया जाता।
उन्होंने कहा, “मुझे कूड़ेदान की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। अगर आपको लगता है कि मैं मामला नहीं संभाल सकता, तो किसी और को जिम्मेदारी दे दीजिए। लेकिन इस तरह अपमानित करना स्वीकार्य नहीं है।” अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर जो संकट और असंतोष दिखाई दे रहा है, उसके लिए काफी हद तक उनका व्यवहार जिम्मेदार है।कल्याण बनर्जी ने कहा, “मैं दीदी (ममता बनर्जी) से कहना चाहता हूं कि यदि आप अभिषेक बनर्जी पर ही निर्भर रहना चाहती हैं तो उनके साथ रहिए और मुझे छोड़ दीजिए। लेकिन यदि आप उनसे दूरी बनाती हैं, तो मैं आपके साथ हूं।”
उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने उनसे संपर्क किया है, लेकिन अब तक ममता बनर्जी ने उनसे कोई बातचीत नहीं की है। कल्याण बनर्जी ने स्पष्ट किया कि वे आगे भी तृणमूल कांग्रेस और अन्य लोगों के मामलों की पैरवी करते रहेंगे, लेकिन अब अभिषेक बनर्जी की ओर से किसी भी मामले में अदालत में पेश नहीं होंगे।
टीएमसी में बढ़ता असंतोष-
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब तृणमूल कांग्रेस गंभीर आंतरिक संकट और गुटबाजी से जूझ रही है। पिछले एक सप्ताह में पार्टी के तीन राज्यसभा सांसद इस्तीफा दे चुके हैं। प्रकाश चिक बड़ाइक ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले सुष्मिता देव ने 10 जून और सुखेंदु शेखर रॉय ने 8 जून को अपना इस्तीफा सौंपा था। इस्तीफे के बाद प्रकाश चिक बड़ाइक ने कहा, “पश्चिम बंगाल की जनता की भावना का सम्मान करते हुए मैंने भी आज अपना इस्तीफा सौंप दिया है।”
इसी बीच उनके भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के आवास पहुंचने से यह अटकलें तेज हो गई हैं कि टीएमसी के कुछ नेता राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का रुख कर सकते हैं। हालांकि कांग्रेस ने टीएमसी के साथ किसी संभावित विलय की अटकलों को खारिज कर दिया है। वहीं, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को नई दिल्ली स्थित 10 जनपथ में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की।
’64 विधायक हमारे साथ’ का दावा
टीएमसी के बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में पार्टी के 64 विधायक बागी खेमे के समर्थन में हैं। विधानसभा में टीएमसी के कुल 80 विधायक हैं। उधर, पार्टी में बढ़ती दरार के एक और संकेत के रूप में बागी सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने पुष्टि की है कि 20 सांसदों के एक समूह ने लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था की औपचारिक मांग की है, जिससे पार्टी के संसदीय दल में भी विभाजन की स्थिति स्पष्ट होती दिख रही है।