UP News: ज़िंदगी में कुष्ठ रोग की दस्तक ने जिन लोगों की राहें मुश्किल कर दी थीं, उनके चेहरे पर अब सम्मान और आत्मविश्वास लौट रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की तरफ से संचालित कुष्ठावस्था पेंशन योजना ऐसे लोगों के लिए सहारा और सम्मान दोनों लेकर आई है। इस योजना के तहत वर्तमान में राज्य के 13 हज़ार से अधिक लाभार्थियों को हर महीने 3 हज़ार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “उत्तर प्रदेश ने पेंशन की राशि को 8 लाख से बढ़ाकर 11 लाख दिव्यांगजनों को आज हम पेंशन का लाभ दे रहे हैं और राशि सीधे उनके खाते में जा रही है।” योजना की पात्रता को भी सरल बनाया गया है। ख़ास बात यह है कि कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों के लिए दिव्यांगता प्रतिशत की कोई बाध्यता नहीं रखी गई है, ताकि अधिक से अधिक ज़रूरतमंदों तक सहायता पहुंच सके।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग संयुक्त निदेशक रणजीत सिंह ने कहा कि “कुष्ठावस्था पेंशन , जो कि सरकार की प्रतिबद्धता है कि समाज के हर व्यक्ति का उत्थान हो और उसके सशक्तिकरण एवं पुनर्वास की दिशा में प्रयास किए जाएं, उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिस रोग के कारण दिव्यांगता उत्पन्न हुई, उनके लिए यह कुष्ठावस्था पेंशन योजना चलाई जाती है।”
योगी सरकार में इस पेंशन राशि को 2500 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया। वित्तीय वर्ष 2016-17 में जहां लगभग 4700 लाभार्थी योजना से जुड़े थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 13 हज़ार 600 से अधिक हो चुकी है। लाभार्थीयों का कहना है कि “मुख्यमंत्री योगी का धन्यवाद है कि आप पेंशन देते हैं और मैं इसे खाना-पीना और दवाई में लगाता हूँ। मैं योगी जी का धन्यवाद देता हूँ, वे 2-3000 पेंशन देते हैं। इसी से हमारे बच्चे का पढ़ाई-लिखाई और दवाई-पट्टी, मरहम इसी से होता है।”
योगी सरकार की कुष्ठावस्था पेंशन योजना केवल सहायता नहीं, बल्कि समाज के उपेक्षित लोगों के लिए आत्मसम्मान और उम्मीद की नई रोशनी बन चुकी है।