Madhya Pradesh: माली गांव के इन बच्चों के हाथों में स्कूल बैग की बजाय पानी लाने वाले ये बर्तन दिखाई देते हैं। ये बच्चे पानी लाने के लिए रोजाना यूं ही जद्दोजहद करते हैं।पानी के लिए इनका ये सफर करीब तीन किलोमीटर लंबा है। इस दौरान ये ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी इलाकों से होकर गुजरते हैं। पानी लाने का ज्यादातर काम महिलाएं और बच्चे करते हैं।
मध्य प्रदेश के उमरिया जिले का आदिवासी बहुल गांव भीषण गर्मी के बीच पानी के गंभीर संकट से जूझ रहा है। यहां के निवासियों को रोजाना पानी के लिए लंबी यात्रा करनी पड़ती है।
जिला कलेक्टर का कहना है कि ये मामला अभी-अभी उनकी जानकारी में आया है। उन्होंने हालात को सुधारने के लिए तुरंत कार्रवाई का भरोसा दिया।
वीओ: ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनके यहां पानी के टैंकर जल्द पहुंचेंगे और आगे पीने के पानी के लिए पक्का रास्ता निकाला जाएगा ताकि उन्हें पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए दर दर ना भटकना पड़े।