New Delhi: दिल्ली जिमखाना क्लब ने केंद्र सरकार के उस आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें क्लब को 5 जून तक 27.3 एकड़ सरकारी जमीन खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने इस जमीन को “सार्वजनिक उद्देश्य” के लिए वापस लेने की बात कही है, वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने जस्टिस अवनीश झिंगन के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए जल्द सुनवाई की मांग की। अदालत ने इस पर सहमति जताते हुए सुनवाई के लिए 26 मई की तारीख तय कर दी।
यह याचिका क्लब के सदस्य विजय खुराना की ओर से दाखिल की गई है।
दरअसल, 22 मई को लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस (L&DO) ने आदेश जारी कर क्लब को 2, सफदरजंग रोड स्थित 27.3 एकड़ परिसर खाली कर सरकार को सौंपने को कहा था।
सार्वजनिक उद्देश्य के लिए जमीन ले सकते हैं वापस
सरकार ने अपने आदेश में मूल लीज डीड की धारा 4 का हवाला देते हुए कहा है कि सार्वजनिक उद्देश्य के लिए जरूरत पड़ने पर जमीन वापस ली जा सकती है। केंद्र का तर्क है कि प्रधानमंत्री आवास और अन्य उच्च सुरक्षा प्रतिष्ठानों के पास स्थित यह भूमि सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने, प्रशासनिक सुविधाओं के विस्तार और अन्य अहम सार्वजनिक उपयोग के लिए जरूरी है।
सरकारी आदेश के अनुसार, जमीन दोबारा अधिग्रहित किए जाने पर पूरा 27.3 एकड़ क्षेत्र—जिसमें सभी इमारतें, ढांचे, लॉन और फिटिंग्स शामिल हैं—भारत के राष्ट्रपति के माध्यम से L&DO के अधीन आ जाएगा।