Pulwama: पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में अज्ञात बंदूकधारियों ने हत्या कर दी है। यह घटना मुजफ्फराबाद में हुई, जहां उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गईं। गोलियों से छलनी आतंकी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वह 2017 में यह कहकर पाकिस्तान गया था कि वह उच्च शिक्षा के लिए जा रहा है, लेकिन बाद में वह आतंकी संगठन अल-बद्र में शामिल हो गया और जल्दी ही कमांडर बन गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुजफ्फराबाद के एआईएसएस कॉलेज के बाहर हमजा की कार सड़क पर जाम में फंसी हुई थी, तभी हमलावरों ने उस पर कई गोलियां चलाईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हमलवार बाइक से आए थे और उन्होंने बुर्का पहन रखा था।
अल-बद्र में शामिल होने के बाद वह कश्मीर लौटा। उस पर दक्षिण कश्मीर में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर ले जाने और उन्हें आतंकी संगठनों में शामिल करने का आरोप था। उसका नेटवर्क मुख्य रूप से दक्षिण कश्मीर में सक्रिय था। हमजा बुरहान को केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में आतंकवादी घोषित किया था।रिपोर्ट्स की मानें तो पाकिस्तान में हमजा अपनी पहचान छिपाने के लिए एक स्कूल में प्रिंसिपल के तौर पर काम कर रहा था। अपने लोगों के बीच वह डॉक्टर के नाम से प्रसिद्ध था।
पुलवामा हमला-
14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीआरपीएफ बस पर आत्मघाती हमला हुआ था। एक हमलावर ने विस्फोटकों से भरी एक कार सीआरपीएफ के काफिले से टकरा दी थी। इस हमले में 40 भारतीय जवान बलिदान हो गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान में स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। यह हमला देश में हुए सबसे भीषण आतंकी हमलों में से एक था। कहते हैं कि विस्फोट की आवाज इतनी तेज थी कि मीलों दूर तक सुनी गई थी औ सड़क पर काफी गहरा गड्ढा हो गया था।