Cockroach Janata Party: पिछले सप्ताह अस्तित्व में आई और सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फॉलोअर के साथ खबरों में छा गई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के ‘एक्स’ अकाउंट पर गुरुवार को रोक लगा दी गई। हालांकि इस पर रोक के कुछ ही देर बाद ‘कॉकरोच इज बैक’ नाम से एक और हैंडल बना दिया गया। इसके संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा, ‘‘इस बात की उम्मीद पहले से थी क्योंकि कल से हमारे अकाउंट को हैक करने की कोशिशें चल रही थीं। लेकिन सरकार का दाव उलटा पड़ गया है।’’
‘कॉकरोच इज बैक’ एक्स हैंडल शुरू होने के करीब एक घंटे से कुछ देर बाद अपराह्न 3.40 बजे इसके फॉलोअर की संख्या 16,800 थी। दीपके के अनुसार कॉकरोच जनता पार्टी के ‘एक्स’ पर 2,01,000 फॉलोअर थे। यह पार्टी भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की इस टिप्पणी के बाद अस्तित्व में आई जिसमें उन्होंने वरिष्ठता की मांग कर रहे एक वकील से नाराजगी जताते हुए ‘परजीवी’ और ‘कॉकरोच’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया।
प्रधान न्यायाधीश ने बाद में स्पष्टीकरण दिया था कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया है और उनके बयान विशेष रूप से उन लोगों पर केंद्रित थे जो ‘फर्जी डिग्रियों’ के माध्यम से वकालत के पेशे में प्रवेश करते हैं। प्रधान न्यायाधीश की पहली टिप्पणी 15 मई को आई थी और एक दिन बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ सामने आई। यह तुरंत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसे नेताओं, कार्यकर्ताओं, कलाकारों और बड़ी संख्या में युवाओं का समर्थन मिलने लगा।
गुरुवार को इसका ‘एक्स’ अकाउंट भारत में बंद हो गया, वहीं इसका इंस्टाग्राम पेज करीब 1.43 करोड़ फॉलोअर के साथ सक्रिय है और फॉलोअर की संख्या समय के साथ बढ़ती जा रही है। इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में इसकी तुलना भारतीय जनता पार्टी के आधिकारिक अकाउंट से की गई है जिसके फॉलोअर की संख्या 88 लाख थी।
दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी को व्यंग्यात्मक मंच बताते हुए ‘एक्स’ खाते पर रोक लगाने की कार्रवाई पर सवाल उठाया और कहा कि अकाउंट और यह आंदोलन तेजी से बढ़ रहा था। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘एक्स’ हैंडल और आंदोलन बढ़ रहा है, हर दिन हजारों फॉलोअर जुड़ रहे हैं। शायद इससे सरकार डर गई है।’’
पहले आम आदमी पार्टी (आप) से जुड़े रहे दीपके ने गुरुवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट किया था कि उनके इंस्टाग्राम अकाउंट को भी हैक करने की कोशिशें की जा रही हैं। ‘एक्स’ पर ‘कॉकरोच’ नाम वाले कई अन्य अकाउंट भी सक्रिय हैं। तृणमूल कांग्रेस के नेता कीर्ति आजाद और महुआ मोइत्रा ने इस आंदोलन में प्रशांत भूषण और अंजलि भारद्वाज जैसे कार्यकर्ताओं के साथ दिलचस्पी दिखाई।